लाइव न्यूज़ :

पीएम मोदी ने मजदूरों को घर के करीब नौकरी के लिए तकनीक आधारित समाधान की वकालत की

By भाषा | Updated: July 23, 2020 00:45 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कभी कभी ऐसा भी होता कि लोगों को कोई विशेष नौकरी चाहिए वो उसे उपलब्ध नहीं होता और दूसरी तरफ वो लोग होते हैं जो सक्षम तो होते हैं लेकिन उन्हें मन मुताबिक मौके नहीं मिलते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देपीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यदि अध्ययन कराया जाए तो पता चलेगा कि अधिकांश कर्मचारी अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देना पसंद करेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में कई ऐसे लोग मिलेंगे जो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए ऋण लिए हुए हैं।

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजदूरों को उनके घर के आसपास ही नौकरी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तकनीक आधारित समाधान की वकालत की है। उनके मुताबिक इससे नियोक्ताओं को भी आसानी से कुशल कामगार मिल सकेंगे।

नौकरशाहों और विशेषज्ञों से एक संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने यह सुझाव भी दिया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान किसी क्षेत्र विशेष में नए उद्योग की स्थापना की योजना के मद्देनजर अपने यहां चल रहे पाठ्यक्रमों में बदलाव भी ला सकते हैं ताकि युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को आठ-दस वर्षों तक नया रोजगार सुनिश्चित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री का यह संवाद मंगलवार को हुआ था, जिसका वीडियो नीति आयोग ने बुधवार को साझा किया। उन्होंने कहा कि लोग, खासकर वो जो शारीरिक परिश्रम वाले कामों से जुड़े हुए हैं, वे अपने घरों के नजदीक रोजगार को तरजीह देंगे।

उन्होंने सुझाव दिया कि नियोक्ता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से कुशल श्रम बल हासिल कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि व्यवसायों का मूल्यांकन इस आधार पर भी हो सकता है कि वे अपने कर्मचारियों को उनके बच्चों की शिक्षा के अलावा और किस प्रकार की सुविधाएं दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए और उनसे पूछा जाना चाहिए कि वे भविष्य में क्या करना चाहते हैं। मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि मिस्त्री चाहेगा कि वे गाड़ी चलाना सीखे ताकि वह टैक्सी खरीदे और अपनी आय में वृद्धि करे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी कभी ऐसा भी होता कि लोगों को कोई विशेष नौकरी चाहिए वो उसे उपलब्ध नहीं होता और दूसरी तरफ वो लोग होते हैं जो सक्षम तो होते हैं लेकिन उन्हें मन मुताबिक मौके नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि यदि अध्ययन कराया जाए तो पता चलेगा कि अधिकांश कर्मचारी अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देना पसंद करेंगे। कई ऐसे लोग मिलेंगे जो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए ऋण लिए हुए हैं।

उन्होंने श्रम शक्ति के ‘‘ग्लोबल मैपिंग’’का भी सुझाव दिया और कहा कि कई देशों को विज्ञान और गणित के अच्छे शिक्षकों की आवश्यकता है तो कई देशों को नर्सों की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस देश में स्किल की आवश्यकता है, यदि उस देश की भाषा का भी ज्ञान हो तो इससे बहुत मदद मिलती है। 

टॅग्स :नरेंद्र मोदीइंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील