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नीतीश सरकार के विरोध में सड़क पर उतरे पासी समाज के लोगों ने खाई पुलिस की लाठियां

By एस पी सिन्हा | Updated: November 29, 2022 17:26 IST

पटना के गांधी मैदान के पास पासी समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उन लोगों का राजभवन की तरफ मार्च का कार्यक्रम तय था। ऐसे में पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही थी, जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने डाकबंगला की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने बल प्रयोग किया।

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ठळक मुद्देपटना के गांधी मैदान के पास पासी समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थेप्रदर्शन कर रहे पासी समाज के लोगों का राजभवन की तरफ मार्च का कार्यक्रम तय थाप्रदर्शनकारियों ने डाकबंगला की तरफ बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने बल प्रयोग किया

पटना: पुलिस के कथित अत्याचार के विरोध में बिहार की राजधानी पटना में सड़क पर उतरे पासी समाज के सैकड़ों लोगों ने जमकर बवाल किया। गांधी मैदान के पास पासी समाज ने प्रदर्शन कर रहा था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने भी लाठी चार्ज किया। भिड़ को संभालने के लिए वाटर कैनन को भी बुला लिया गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार पटना के गांधी मैदान के पास पासी समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उन लोगों का राजभवन की तरफ मार्च का कार्यक्रम तय था। ऐसे में पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही थी, जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने डाकबंगला की तरफ बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। 

पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वहां मौजूद कुछ उपद्रवी पथराव करने लगे। जिसके बाद पुलिस को भी मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद भगदड़ की स्थिति हो गई। भीड़ को हटाने के लिए बड़ी संख्या में फोर्स मंगवाया गया था। भीड़ और पुलिस के बीच कुछ समय में ही घमासान की स्थिति बन गई। काफी समय तक जेपी गोलम्बर पर स्थिति अराजक बनी रही। 

वहीं इस वजह से पुरे इलाके में आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं। दरअसल, पासी समाज के लोगों ने बिहार सरकार पर जबरन केस में फंसाने के आरोप लगाकर पासी समाज के हजारों लोगों ने जमकर बवाल काटा। 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें पुलिस द्वारा जबरन झूठे मामलों में फंसाया जाता है। पासी समाज के हजारों लोग इस वजह से केस-मुकदमे में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर शराबबंदी कानून को लागू करने के नाम पर पासी समाज के परम्परागत कामों को रोका जा रहा है। उन्हें फर्जी मामलों में जेल भेजा जा रहा है। इसलिए वे विरोध जताने पटना में जुटे हैं। 

उन्होंने कहा कि अगर नीतीश सरकार ने पासी समाज की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया तो उनका विरोध आगे भी इसी तरह से होगा। वे फिर से विधानसभा घेराव की कोशिश करेंगे।

टॅग्स :नीतीश कुमारबिहारपटना
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