पूर्णियाः राज्यसभा जाने से पहले बिहार में समृद्धि यात्रा पर निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को पूर्णिया में मंच से जनता को संबोधित करने के दौरान लालू राज को याद कर भावुक हो गए। यही नहीं राज्य की खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री लेसी सिंह भाषण देने के दौरान फूट फूटकर रोने लगीं। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उस वक्त ऐसा दौर था जब सब लोग डरे सहमे रहते थे। उन्होंने कहा कि याद है ना पहले क्या स्थिति थी? हम लोग के आने से पहले लोग शाम में भी घर से नहीं निकलता था। सब को बोल दिया जाता था कि शाम के बाद घर से मत निकलो।
नीतीश कुमार ने कहा कि हम जब केंद्र में रहते थे तो और जब भी अपने इलाके में आते थे तो किसी के घर में अगर मिलने जाते थे तो जाकर उनके घर के पास खुद खटखटा के कहना पड़ता था कि हम आ गए हैं। बताया पड़ता था कि डरो नहीं हम नीतीश कुमार हैं तब वो लोग बाहर आता था।
उन्होंने कहा कि पहले जब एनडीए की सरकार बनी 24 नवंबर 2005 को पहली बार सरकार बनी तब से ही कानून का राज्य है और लगातार विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके पहले वाले जो भी थे वो लोग कोई काम नहीं करते थे। लोग शाम में भी घर से बाहर नहीं निकलते थे। लोगों के घर में जा जाकर कहना पड़ता था कि हम आ गए हैं, आपसे मिलने के लिए।
सब का सब चीज बंद रहता था। लेकिन आज देखिए आज ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले समाज में विवाद होता था, हिंदू मुस्लिम में लड़ाई होते रहता था। इलाज का हाल बुरा था। सड़कों की स्थिति दयनीय थी। लेकिन हम लोग आए तो विकास का काम किए। राज्य में प्रेम भाईचारा को बढ़ावा। इस दौरान लालू- राबड़ी शासनकाल पर भी हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि वो कुछ किया था जी...
महिलाओं के लिए तो कुछ भी नहीं किया। अपने 7 साल तक रहा और खुद गया तो अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। लेकिन महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। महिलाओं को ना कोई आजादी थी ना वो घर से बाहर निकल सकती थी। लेकिन अब देखिए महिलाओं को आरक्षण दिया जा रहा है हर क्षेत्र में वो आगे बढ़ रही है।
इसी दौरान मंत्री लेशी सिंह अचानक भरे मंच से भावुक हो गई और फूट फूटकर रोने लगीं। जदयू कोटे से मंत्री लेशी सिंह सभा को संबोधित करते हुए नीतीश सरकार की उपलब्धियों को गिना रही थी। इस दौरान वो अपने पुराने दिन को याद करते हुए भावुक हो गई। लेशी सिंह ने कहा कि उनके क्षेत्र में नीतीश कुमार के नेतृत्व में व्यापक विकास कार्य हुए हैं और आज बढ़ता हुआ बिहार तथा विकसित होता पूर्णिया इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिहार को भय और अराजकता से बाहर निकालकर विकास की राह पर खड़ा करने का काम किया है।
लेशी सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने हर क्षेत्र में विकास किया, लेकिन सबसे बड़ा काम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किया गया। कई योजनाओं को लागू कर आधी आबादी को आगे बढ़ने का अवसर दिया गया। उन्होंने कहा कि 2005 में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद ही बिहार में महिलाओं को वास्तविक आज़ादी और अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर नेतृत्व करने का मौका दिया गया। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं रोजगार से जुड़ीं। लेशी सिंह ने कहा कि जीविका योजना के माध्यम से करीब 1 करोड़ 45 लाख महिलाएं (जीविका दीदी) आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
सरकार ने आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई कार्यक्रम और योजनाएं लागू की हैं उन्होंने कहा कि ऐसे नेता के नेतृत्व में काम करना उनके लिए गर्व की बात है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने साधारण परिवार की महिलाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर दिया है। अपने व्यक्तिगत अनुभव का जिक्र करते हुए लेशी सिंह ने कहा कि जब उनके परिवार पर कठिन समय आया तो मुख्यमंत्री उनके परिवार के लिए ढाल बनकर खड़े रहे, जिसके लिए वह उनका आभार व्यक्त करती हैं।