पटनाः बिहार विधानमंडल के बजट सत्र शुरू होने से पहले सदन के बाहर सोमवार को राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदेहास्पद मौत को लेकर विपक्षी दलों ने सत्ता पक्ष पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस, राजद और भाकपा माले के विधायकों ने सरकार पर लीपापोती, पर्दादारी और दोषियों को बचाने का संगीन इल्जाम लगाया।
विपक्ष ने साफ ऐलान कर दिया कि इस सत्र के दौरान पटना में नीट छात्रा की मौत का मामला सदन से सड़क तक जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस और भाकपा माले के सदस्यों ने मांग की कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में होनी चाहिए। विधानसभा परिसर में पहले माले और कांग्रेस के सदस्य हाथों में पोस्टर लेकर पहुंच गए।
माले सदस्यों ने कहा कि शंभु होस्टल में एक नीट की छात्रा से दुष्कर्म ने राज्य में कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। जिस राजधानी में खुद सरकार बैठती हो, वहां ऐसी घटना होना यह साबित करता है कि राज्य में कानून का राज समाप्त हो चुका है। वहीं, कांग्रेस विधायक मो. कमरुल होदा हाथ में पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि “अब तक रेपिस्ट खुलेआम घूम रहे हैं, केस सीबीआई को देने का मतलब है कि सफेदपोशों को बचाया जा रहा है। यह इंसाफ नहीं, बल्कि साजिश है। कांग्रेस विधायक कमरूल होदा सहित कई विधायक हाथों में पोस्टर लेकर विधानसभा परिसर में नारे लगाते नजर आए। विपक्ष की मांग थी कि इस गंभीर मामले का जिक्र राज्यपाल के अभिभाषण में किया जाए।
सरकार इस पर जवाब दे। विपक्ष का कहना है कि यह मामला महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है। वहीं, सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपकर दबाव कम करने की कोशिश की है। वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि परिवार की मांग पर ही केस सीबीआई को सौंपा गया है, और सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है, आरोपी नहीं बचेंगे। पुलिस जांच पर संदेह था, इसलिए सरकार ने खुद सीबीआई जांच करवाई। जबकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए शोर मचा रहा है। सीबीआई जांच में सब बेनकाब होगा।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार पर बोला तीखा हमला, कहा- पूरी जिम्मेदारी सरकार की बनती
बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सदन के बाहर विपक्ष सड़कों पर उतर आया। पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले को लेकर विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सदन में जाने से पहले राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से कहा कि बिहार में नीट छात्रा के साथ जिस तरह से घटना हुई है, आप उसको हाईलाइट करें।
जो लोग उसमें शामिल हों उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। अगर सजा नहीं मिली तो हमारी बहू-बेटी और आपकी बहू-बेटी के साथ ऐसा ही होगा जो नीट छात्रा के साथ हुआ। भाई वीरेंद्र ने कहा कि अगर आज तक नीट छात्रा को इंसाफ नहीं मिला है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की बनती है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल एक छात्रा का मामला नहीं है, बल्कि बिहार में कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को उजागर करता है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि आज अगर नीट छात्रा को न्याय नहीं मिला है तो पूरी सरकार कटघरे में खड़ी है। सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ऐसे संवेदनशील मामलों में गंभीर नहीं है और केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रह गई है। पत्रकारों के इस सवाल पर कि इस मामले पर क्या गृह मंत्री की जवाबदेही नहीं बनती है? इस पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि देखिए पूरी जवाबदेही सरकार की बनती है। पूरी सरकार कटघरे में है।
वहीं, नीट छात्रा मामले के साथ-साथ यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर पटना में हुए प्रदर्शन पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि विपक्ष इस तरह के प्रदर्शन का समर्थन करता है। उनका कहना था कि शिक्षा से जुड़े मसलों पर छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
दूसरी ओर बजट सत्र पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि जब केंद्र के बजट से जनता को कोई लाभ नहीं हुआ तो बिहार के बजट से क्या होगा वो तो कल (मंगलवार) पता चलेगा, जब बजट पेश होगा। हमको लगता है ये सरकार घिसा-पिटा बजट लाएगी, जिससे ना नौजवानों को, ना किसानों को, ना छात्रों को, ना महिलाओं को, किसी को लाभ नहीं मिलने वाला है।
वहीं, आम बजट के बाद दवाएं सस्ती होने पर उन्होंने कहा कि सारी दवाएं बाजार में नकली मिल रही हैं। बड़े-बड़े नेताओं की फैक्ट्री है, चाहे वो बिहार के बड़े नेता हों या बाहर के नेता हों। सबकी कंपनियां दो नंबर की दवाई चला रही है। वहीं, भाई वीरेन्द्र से यह पूछे जाने पर कि भाजपा के नेता कह रहे थे कि वे (तेजस्वी) फिर से सदन नहीं आएंगे।
इसपर भाई वीरेंद्र ने कहा कि मान लीजिए कि मेरी तबीयत खराब हो जाए, अगर हम सदन न आएं तो ये बहाना नहीं है। सही में उनको (तेजस्वी यादव) चोट लगी है। मैंने देखा है। मैं गया था मिलने। उनके अंगूठे का ऑपरेशन हुआ है। यही कारण है कि वे व्हिलचेयर पर सदन आए। विपक्ष के नेता की सेहत पर राजनीति करना ठीक नहीं है।