लाइव न्यूज़ :

पप्पू यादव ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए किया ट्वीट, बोले- "जब बांग्लादेश ने ईवीएम बैन कर दिया तो भारत में क्यों नहीं?"

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: April 7, 2023 14:21 IST

लोकसभा के पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने चुनावी मतदान में प्रयोग में आने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब बांग्लादेश ने ईवीएम को बैन कर दिया तो भारत में क्यों नहीं इस पर रोक लगाई जाए।

Open in App
ठळक मुद्देपप्पू यादव ने मतदान प्रक्रिया में प्रयोग होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर उठाया सवालजब बांग्लादेश ने ईवीएम पर बैन लगा दिया है तो क्या भारत में इस पर बैन नहीं लगना चाहिएभारत में ईवीएम को लेकर समय-समय पर कई सियासी दलों द्वारा सवाल उठाये जाते रहे हैं

पटना: लोकसभा के पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी नाम से बिहार की सियासत में सक्रिय राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने चुनाव में मतदान के लिए प्रयोग में आने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल खड़ा किया है। वैसे भारत में ईवीएम को लेकर समय-समय पर कई सियासी दलों द्वारा सवाल उठाये गये हैं लेकिन चूंकि लगभग एक साल बाद 2024 में देश का आम चुनाव होने वाला है। इस कारण पप्पू यादव ने एक बार फिर ईवीएम का मसला छेड़ दिया है।

पप्पू यादव ने पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में ईवीएम से चुनाव कराये जाने पर लगे बैन के बाद यह प्रश्न उठाते हुए ट्वीट किया है कि जब बांग्लादेश ने ईवीएम पर बैन लगा दिया है तो क्या भारत में इस पर बैन नहीं लगना चाहिए। पप्पू यादव ने ट्वीट में लिखा है, "जब बांग्लादेश ने ईवीएम को बैन कर दिया तो भारत में क्यों नहीं? क्या इसलिए कि विकास के मामले में बांग्लादेश भारत से आगे निकल गया?"

दरअसल बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार ने बांग्लादेश में इस साल होने वाले आम चुनाव में ईवीएम की जगह बैलेट पत्र से चुनाव कराने पर सहमति जता दी है। बांग्लादेश में विपक्षी दल बीते कुछ वर्षों से लगातार ईवीएम के कारण चुनावी धांधली का अंदेशा जता रहे थे और ईवीएम को बैन किये जाने की मांग कर रहे थे।

वहीं भारत में कई वर्षों से विभिन्न राजनैतिक दल ईवीएम में धांधली, हैकिंग और छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन चुनाव आयोग ने कई बार इस विषय पर स्पष्ट किया है कि भारत में प्रयोग होने वाली ईवीएम मशीने मतदान प्रक्रिया के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं। यही नहीं चुनाव आयोग ने ईवीएम पर आपत्ति जताने वाले राजनैतिक दलों को चुनौती दी थी कि वो ईवीएम को हैक करके दिखाएं। आयोग ने इसके लिए डेमो कार्यक्रम भी रखा था लेकिन आरोप लगाने वाले दल चुनाव आयोग के बुलावे पर नहीं गये थे।

टॅग्स :पप्पू यादवबांग्लादेशचुनाव आयोगइलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम)इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

भारत18 जिलों में 83 ब्लॉक विकास अधिकारी के बाद 173 थानों के प्रभारी और प्रभारी निरीक्षकों का तबादला?, पश्चिम बंगाल को लेकर अलर्ट निर्वाचन आयोग

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 18 जिला और 83 बीडीओ-एआरओ को हटाया, देखिए फेरबदल की पूरी सूची

भारततमिलनाडु चुनाव: 8,000 रुपये मूल्य की ‘इल्लैरसी’ कूपन योजना, टीवी, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, मिक्सर, माइक्रोवेव ओवन, इंडक्शन स्टोव खरीदे

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?