स्कूल में पढ़ रही दो बेटियां/बेटों में से एक की पढ़ाई होगी मुफ्त, विधानसभा चुनावों के पहले योगी सरकार इस योजना को करेगी लागू
By राजेंद्र कुमार | Updated: January 8, 2026 17:29 IST2026-01-08T17:29:27+5:302026-01-08T17:29:27+5:30
अगर निजी स्कूल ऐसा नहीं करते हैं, तो सरकार के स्तर से उनकी फीस प्रतिपूर्ति की व्यवस्था करेगी. मुख्यमंत्री योगी की इस घोषणा के बाद इसके सर्वे की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चुनाव आयोग ने उस समय आचार संहिता का हवाला देकर इस पर रोक लगा दी थी.

स्कूल में पढ़ रही दो बेटियां/बेटों में से एक की पढ़ाई होगी मुफ्त, विधानसभा चुनावों के पहले योगी सरकार इस योजना को करेगी लागू
लखनऊ: उत्तर प्रदेश (यूपी) में विधानसभा चुनाव अगले साल है, ऐसे में अब योगी सरकार जनता को छोटी-छोटी योजनाओं का लाभ देकर उन्हे अपने साथ जोड़ने की मुहिम में जुट गई है. इसके तहत ही सरकार ने तय किया है कि अगर किसी स्कूल में एक परिवार की दो बेटियां या दो बच्चे पढ़ रहे हैं, तो एक बच्चे की सरकार ट्यूशन फीस मुफ्त करेगी.
इसमें संबंध में संस्था से मदद लेने और फीस प्रतिपूर्ति दोनों ही विकल्पों को खुला रखा जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद महिला कल्याण विभाग को इसकी प्रक्रिया तय करने को कहा गया है. चर्चा है कि तीन माह के भीतर मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत इस फैसले को लागू किया जाएगा.
मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार, कोविड आपदा में प्रभावित परिवारों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई व मदद के लिए योगी सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की थी. तब मुख्यमंत्री योगी ने यह कहा था कि अगर किसी स्कूल, कॉलेज या संस्था में जिसमें निजी शैक्षिक संस्थान भी शामिल हैं, दो सगी बहनें या भाई पढ़ रहे हैं तो एक की ट्यूशन फीस माफ करने की जाएगी.
अगर निजी स्कूल ऐसा नहीं करते हैं, तो सरकार के स्तर से उनकी फीस प्रतिपूर्ति की व्यवस्था करेगी. मुख्यमंत्री योगी की इस घोषणा के बाद इसके सर्वे की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चुनाव आयोग ने उस समय आचार संहिता का हवाला देकर इस पर रोक लगा दी थी. करीब चार साल तक सरकार को इस योजना की याद नहीं आई, लेकिन अब इस योजना को लागू करने का फैसला किया गया है. ताकि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की चुनाव आचार संहिता लागू होने के पहले इस योजना को लागू किया जा सके.
जल्द तय होगी प्रक्रिया एवं शर्ते
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में सरकारी स्कूलों में लड़कियों की शिक्षा निःशुल्क है. इसके अलावा कोविड के समय प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अलग से योजना चल रही है और शिक्षा के अधिकार व्यवस्था के तहत भी गरीब बच्चों के दाखिले सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के करवाए जाते हैं. सरकार माध्यमिक से लेकर उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा के विभिन्न संस्थाओं में पढ़ने वाले छात्रों को सरकार फीस प्रतिपूर्ति तथा स्कॉलरशिप देती हैं.
इस प्रक्रिया में अधिकतर स्टूडेंट्स कवर हो जाते हैं. लेकिन करीब चार साल पहले मुख्यमंत्री योगी द्वारा एक की स्कूल में पढ़ रहे दो बच्चों में से एक की फीस ट्यूशन फीस माफ करने संबंधी घोषणा को लेकर अभी तक कुछ नहीं किया गया. कुछ दिनों पहले शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ मुख्यमंत्री योगी की घोषणा के अमल की कार्ययोजना को लेकर हुई बैठक में इस योजना का जिक्र हुआ.
तो अधिकारियों ने कहा कि इस योजना को लागू करने के लिए एक विभाग को नोडल बनाया जाए क्योंकि प्रदेश में बेसिक,माध्यमिक, उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा के अलग-अलग विभाग हैं. इसलिए बैठक में लाभार्थियों की पहचान, मदद एवं समन्वय के लिए एक सिंगल विंडो तथा नोडल विभाग निर्धारित करने पर सहमति बनी. इस कड़ी में महिला कल्याण विभाग को नोडल बनाए जाने का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा गया है.
नोडल विभाग आय सीमा, मदद की शर्तें, बजट की आवश्यकता आदि सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट देगा. इसके आधार पर एक स्कूल में पढ़ रही दो बेटियां या दो बेटों में से एक की पढ़ाई मुफ्त करने की योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा. यह कार्य तीन माह के ही भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है. ताकि किसी तरह की कोई अडचन इस बार ना होने पाए.