पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने जदयू कार्यालय पहुंचकर डा. राम मनोहर लोहिया के तैलिय चित्र पर माल्यार्पण किया। इस दौरान जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ करीब एक घंटे तक बैठक की। सरकार के स्वरूप और संगठन को लेकर चर्चा हुई। निशांत कुमार आज पहली बार ज्यादा समय तक मीडिया से बातचीत की। इस दौरान निशांत कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार में कितना दंगा और हिंसा हुआ करता था, जिसे रोकने का काम पिताजी ने किया।
मीडिया से बातचीत करते हुए निशांत कुमार ने कहा कि पिताजी लोहिया जी को अपना गुरू समझते थे। उनके विचारधारा से जुड़े रहे उन्हें आदर्श समझते थे। निशांत ने कहा कि एक बार गांधी मैदान में लोहिया जी की भाषण को पिता जी ने सुना और उनसे वो काफी प्रभावित हुए। तब से वो लोहिया जी के शिष्य बन गये। लोहिया जी का सिद्धांत रहा हैं कि नर-नारी समानता, जाति रंग का भेदभाव नहीं होना चाहिए, आर्थिक समानता और सत्य अहिंसा।
लोहिया जी के इसी सिद्धांत को पिताजी ने अपनाया। जिसे जनता के हित के लिए राज्य में लागू किया। उन्होंने महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण दिये। पिता जी भी हर जाति के लोगों को साथ लेकर चले। पिता जी भी सत्य के रास्ते पर चले और सदा इमानदार रहे। उन्होंने कभी अहिंसा नहीं की।
निशांत ने कहा कि जब उन्हें 2005 में सरकार मिली थी तब कितना दंगा होता था, जिसे रोकने का काम पिता जी ने किया। उन्होंने बिहार दिवस की बधाई और शुभकामनाएं प्रदेशवासियों को देते हुए कहा कि आज हम लोग बिहार दिवस मना रहे हैं। हमें बिहार की गौरवशाली इतिहास, समृद्धि और संस्कृति पर गर्व है।