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पृथ्वी की कक्षा से बुधवार को टकराएगा ये Asteroid, नासा रख रहा है नजर, बोइंग-747 विमान से बड़ा है आकार

By विनीत कुमार | Updated: October 6, 2020 09:29 IST

धरती की ओर से एक ऐस्टरॉयड तेजी से बढ़ रहा है। इसका आकार बोइंग-747 विमान जैसा बड़ा है। नासा ने बताया है कि ये ऐस्टरॉयड 6.68 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

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ठळक मुद्देपृथ्वी की ओर बढ़ रहा 2020 RK2 नाम का एक ऐस्टरॉयड, पिछले महीने इस पर नासा की गई थी नजर2020 RK2 की स्पीड 6.68 किलोमीटर प्रति सेकेंड, पृथ्वी पर किसी नुकसान की संभावना नहीं

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने बताया है कि एक ऐस्टरॉयड (Asteroid) या क्षुद्रग्रह  तेजी से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। इसके बुधवार को पृथ्वी की कक्षा से होकर गुजरने की आशंका है। इस ऐस्टरॉयड का नाम 2020 RK2 रखा गया है। नासा ने अनुसार ये हमारे ग्रह पृथ्वी से लगभग 2,380,000 मील दूर होगा। 

ऐसे में इससे किसी भी नुकसान की संभावना नहीं है। हालांकि, वैज्ञानिक इस पर लगातार अपनी नजरें बनाए हुए हैं। पिछले दो हफ्ते में ये दूसरा ऐस्टरॉयड है जो पृथ्वी के पड़ोस से गुजरेगा। इससे पहले 24 सितंबर को पृथ्वी से करीब 13000 मील की दूरी से एक ऐस्टरॉयड गुजरा था।

2020 RK2 की स्पीड 6.68 किलोमीटर प्रति सेकेंड

नासा लगातार 2020 RK2 पर नजरें रख रहा है। इस ऐस्टरॉयड को सबसे पहले पिछले महीने देखा गया था। यह 6.68 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। नासा के अनुसार यह आकार में बोइंड-747 विमान जैसा बड़ा है और 7 अक्टूबर को पृथ्वी की कक्षा से टकाएगा। यह ऐस्टरॉयड करीब 118 से 265 फुट चौड़ा है। नासा का कहना है कि यह धरती के काफी ऊपर से होते हुए गुजर जाएगा। 

इस ऐस्टरॉइड को धरती से नहीं देखा जा सकेगा। नासा के अनुसार कि ईस्टर्न टाइम जोन के अनुसार यह ऐस्टरॉइड दोपहर एक बजकर 12 मिनट और ब्रिटेन के समय के अनुसार शाम के 6 बजकर 12 मिनट पर धरती के बेहद करीब से गुजरेगा। 

नासा रखता है ऐस्टरॉयड पर नजर

बता दें कि NASA लगातार अंतरिक्ष में घूम रहे ऐस्टरॉइड पर नजर रखता है। नासा के मुताबिक आने वाले 100 सालों में फिलहाल 22 ऐसे ऐस्टरॉइड्स हैं जिनके पृथ्वी से टकराने की कुछ हद तक संभावना है। इस लिस्ट में सबसे पहला और सबसे बड़ा ऐस्टरॉइड 29075 (1950 DA) जो 2880 तक पृथ्वी के करीब नहीं पहुंचेगा।

बता दें क्षुद्रग्रह या ऐस्टरॉयड छोटे, चट्टानी पदार्थ हैं जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं। ज्यादातर ऐस्टरॉयड मंगल और बृहस्पति ग्रह की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्यादातर क्षुद्रग्रहों का निर्माण लगभग 4.5 अरब साल पहले हुआ था।

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