लाइव न्यूज़ :

नोएडा: नमाज पढ़ने से रोकने के लिए यूपी पुलिस ने पार्क में भरवाया पानी, जुमे के दिन भारी फोर्स की तैनाती

By भाषा | Updated: December 28, 2018 20:22 IST

Namaz Controversy: सीओ ने बताया कि पुलिस ने वहां पर नमाज पढ़ने वाले लोगों को पहले ही हिदायत दे दी थी कि पार्क में नमाज पढ़ना गैरकानूनी है जिसकी वजह से ज्यादातर लोग नमाज पढ़ने वहां नहीं आए।

Open in App

नोएडा के सेक्टर-58 के पार्क में नमाज अदा करने पर जारी विवाद के मद्देनजर पार्क में धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगने के बाद शुक्रवार को वहां सिर्फ दस-बारह लोग ही नमाज पढ़ने पहुंचे लेकिन पार्क के जलमग्न होने के कारण वह लौट गए।इस महीने की शुरुआत में नोएडा पुलिस ने आदेश जारी किए थे कि सरकारी प्लाट में जुमे की नमाज नहीं पढ़ी जा सकती क्योंकि इसके लिए उन्हें जरूरी इजाजत नहीं है।शुक्रवार को पार्क के बाहर एक दमकल भी तैनात किया गया था। स्थानीय प्रशासन ने पार्क में पानी डाल दिया था। यहां पिछले कुछ साल से जुमे के नमाज पढ़ी जाती थी जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होते थे।पुलिस उपाधीक्षक (नगर) राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पार्क में नमाज पढ़ने को लेकर चल रहे विवाद के मद्देनजर वहां पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।  उन्होंने बताया कि पार्क में नमाज पढ़ने की इजाजत जिला प्रशासन द्वारा नहीं दी गई थी। इस वजह से शांति व्यवस्था कायम करने के लिए वहां पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सीओ ने बताया कि पुलिस ने वहां पर नमाज पढ़ने वाले लोगों को पहले ही हिदायत दे दी थी कि पार्क में नमाज पढ़ना गैरकानूनी है जिसकी वजह से ज्यादातर लोग नमाज पढ़ने वहां नहीं आए। उन्होंने बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने विवादित पार्क में पानी भर दिया जिसकी वजह से वहां पर नमाज पढ़ने की जगह नहीं बची। पार्क में नमाज के आयोजकों में से एक आदिल रशीद ने बताया कि इस पार्क में 2013 से जुमे की नमाज अदा की जा रही थी। रशीद ने बताया कि उन्होंने बृहस्पतिवार को नमाजियां से अपील की थी कि वे नमाज पढ़ने पार्क में नहीं जाएं।नमाज पढ़ाने वाले पेश इमाम नोमान अख्तर ने भी उन्हें बताया था कि वह वहां जुमे की नमाज की इमामत नहीं करेंगे। पिछले पांच साल से वहां नमाज पढ़ने आ रहे मोहम्मद मुश्ताक खान ने बताया, ‘‘बस आज और पिछले जुमे को ही पार्क में पानी डाला गया था। पहले, पाक के कोने में वुजू के लिए पानी का इंतजाम रहता था।’’  नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग के उपनिदेशक महेन्द्र प्रकाश ने पार्क में पानी भरने के बाबत पूछने पर बताया कि उद्यान विभाग ने पार्कों में सिंचाई की है। यह नियमित कार्य है। पार्कों का संचालन व रखरखाव उद्यान विभाग ही करता है मालूम हो कि सेक्टर 58 के पार्क में नमाज पढ़ने को लेकर कुछ हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था। उसके बाद नोएडा पुलिस ने सेक्टर 58 की 22 कंपनियों को नोटिस भेजकर उनके यहां काम करने वाले कर्मचारियों को पार्क में नमाज पढ़ने से रोकने की हिदायत दी थी। जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर बृजेश नारायण सिंह ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि पार्क में नमाज पढ़ना गैरकानूनी है। वहीं नोएडा प्राधिकरण ने कहा कि नोएडा के पार्कों में नमाज पढ़ने की अनुमति देने का नियम नहीं है। वहीं पार्क में नमाज पढ़ने वाले लोगों ने जिला प्रशासन से पार्क में नमाज अदा करने की अनुमति मांगी थी लेकिन जिला प्रशासन ने देने से इनकार कर दिया। 

टॅग्स :नॉएडाइस्लाम
Open in App

संबंधित खबरें

भारतमहाकुंभ के वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक पक्षों पर विचार रखे, केसी त्यागी ने सामाजिक समरसता पर बल दिया

भारतNoida International Airport: जेवर एयरपोर्ट का आगाज, नोएडा ही नहीं इन शहरों को मिलेगा लाभ; जानें पूरी डिटेल

कारोबारNoida International Airport: 31 साल लगे जमीन पर उतरने में?, पीएम मोदी ने पूरा किया, पायलट शशांक शेखर सिंह का सपना?

कारोबारनोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: उड़ानें कब से शुरू होंगी? किन-किन जगहों से जुड़ेंगी? जेवर विमानन केंद्र के बारे में पूरी लिस्ट देखिए

कारोबारसाल 2014 से पहले देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे, आज 160 से अधिक?, नोएडा में पीएम मोदी बोले-नोएडा में अंधविश्वास के कारण कई मुख्यमंत्री आते नहीं थे, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?