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BYJU'S के मालिक रवींद्रन के खिलाफ मुंबई पुलिस ने किया एफआईआर दर्ज, जानिए क्या है पूरा मामला

By विनीत कुमार | Updated: August 4, 2021 08:43 IST

BYJU'S के खिलाफ एफआईआर यूपीएससी से जुड़े पाठ्यक्रम में कथित तौर पर गलत जानकारी देने को लेकर दर्ज कराई गई है। एफआईआर में BYJU'S के मालिक रवींद्रन का भी नाम शामिल है।

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ठळक मुद्देBYJU'S के मालिक रवींद्रन के खिलाफ एफआईआर दर्ज, पाठ्यक्रम में गलत जानकारी देने का आरोप।एफआईआर मुंबई के आरे कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है।

मुंबईमुंबई पुलिस ने BYJU'S के मालिक रवींद्रन के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। ये मामला बायजू के यूपीएससी के पाठ्यक्रम में कथित तौर पर गलत जानकारी देने से जुड़ा है। इस संबंध में एफआईआर मुंबई के आरे कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है।

ये एफआईआर भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 120 (B) के तहत आपराधिक साजिश के आरोप और इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के सेक्शन 69 (A) के तहत दर्ज कराई गई है। 

एफआईआर में BYJU के मालिक रवींद्रन का नाम है। आरे पुलिस के अनुसार एफआईआर एक क्रिमिनोलॉजी फर्म 'क्राइमोफोबिया' की ओर से दर्ज कराया गया है। इसमें कहा गया है कि बायजू ने अपने पाठ्यक्रम में सीबीआई को अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध (UNTOC) के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के लिए नोडल एजेंसी बताया है। हालांकि शिकायतकर्ता के अनुसार सीबीआई ने लिखित में कहा है कि वे UNTOC के लिए नोडल एजेंसी नहीं हैं।

द फ्री प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार क्राइमोफोबिया के संस्थापक स्नेहिल ढल ने कहा, 'मुझे मई में BYJU के UPSC पाठ्यक्रम में गलत जानकारी की सूचना मिली। इसके बाद मैंने उन्हें एक ईमेल किया और जरूरी बदलाव के लिए कहा। अपने जवाब में उन्होंने मुझे गृह मंत्रालय की एक चिट्ठी भेजी जिसमें सीबीआई के नोडल एजेंसी होने बात कही गई थी लेकिन यह 2012 की चिट्ठी थी। इसलिए, मैंने इस जवाब को असंतोषजनक पाया और पुलिस से संपर्क किया।'

क्राइमोफोबिया के संस्थापक के अनुसार, 'सीबीआई ने 2016 में लिखित रूप में कहा था कि वे यूएनटीओसी के लिए नोडल एजेंसी नहीं हैं। इसके बाद ढल ने देश में यूएनटीओसी को लागू नहीं करने के लिए भारत सरकार और 45 विभागों के खिलाफ एक आपराधिक रिट याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी।

ढल ने बताया, 'यूएनएससी में भारत का शीर्ष एजेंडा आतंकवाद रोधी है और यूएनटीओसी आतंकवाद को कम करने के लिए प्रमुख कानूनों में से एक है, जिसे लागू कराने के लिए देश में कोई नहीं है। यही कारण है कि क्राइमोफोबिया ने इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से उठाया।'

वहीं एफआईआर के मामले पर BYJU'S के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हम इस संबंध में अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि हमें एफआईआर की कोई कॉपी अभी नहीं मिली है।' हालांकि, उन्होंने ये माना कि क्राइमोफोबिया की ओर से उन्हें पाठ्यक्रम को लेकर चिट्ठी मिली थी।

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