बिहार में बेगूसराय जिले के मंझौल गांव के निवासी मुकेश सिंह ने बने लद्दाख के डीजीपी, गांव वालों का नही रहा खुशी का ठिकाना
By एस पी सिन्हा | Updated: January 4, 2026 16:51 IST2026-01-04T16:51:24+5:302026-01-04T16:51:56+5:30
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। उनके करियर की यह उपलब्धि उनके गांव और जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। मुकेश सिंह के डीजीपी बनते ही गांव में उल्लास का माहौल कायम हो गया और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।

बिहार में बेगूसराय जिले के मंझौल गांव के निवासी मुकेश सिंह ने बने लद्दाख के डीजीपी, गांव वालों का नही रहा खुशी का ठिकाना
पटना: बिहार में बेगूसराय जिले के मंझौल गांव के निवासी मुकेश सिंह ने लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की जिम्मेवारी संभाल ली है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। उनके करियर की यह उपलब्धि उनके गांव और जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। मुकेश सिंह के डीजीपी बनते ही गांव में उल्लास का माहौल कायम हो गया और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया।
मुकेश सिंह के चाचा अजय कुमार ने बताया कि हमारे बडे भाई उपेंद्र प्रसाद सिंह बोकारो स्टील प्लांट में इंजीनियर थे। मुकेश की प्रारंभिक शिक्षा बोकारो के सेंट जेवियर स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के आरके पुरम से इंटर की पढ़ाई पूरी की और फिर आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की।
उन्होंने आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की और बोकारो स्टील प्लांट में दो साल तक काम किया। 1996 में उन्होंने आईपीएस परीक्षा पास की और जम्मू-कश्मीर कैडर में नियुक्त हुए। अजय कुमार ने बताया कि मुकेश सिंह की मेहनत, ईमानदारी और काबिलियत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बेगूसराय जिले का नाम रोशन किया है।
लद्दाख के डीजीपी के रूप में उनकी नियुक्ति उनके लिए एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो उनकी सेवाओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि मुकेश की यह उपलब्धि बिहार और खासकर बेगूसराय जिले के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। मुकेश सिंह का जीवन यह संदेश देता है कि कठिन परिश्रम और समर्पण से कोई भी मुश्किल पार की जा सकती है।
मुकेश सिंह के नेतृत्व में लद्दाख में पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है। उनके साहस और अनुभव से लद्दाख में कानून व्यवस्था और बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि मुकेश सिंह की पहली पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एएसपी के रूप में हुई।
इसके बाद उन्होंने पुलवामा, रियासी और जम्मू जैसे संवेदनशील जिलों में बतौर एसपी काम किया। अजय कुमार ने बताया कि मुकेश सिंह को उत्कृष्ट सेवाओं और अदम्य साहस के लिए अब तक दो बार राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।