लखनऊ: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के हो रहे युद्ध के कारण खाद की कीमतों में होने वाले इजाफे का आकलन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने यह फैसला लिया है. इस फैसले के तहत गत वर्ष की तुलना में गेहूं के मूल्य में 160 रुपए प्रति क्विंटल की दर से वृद्धि की गई है.
इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रदेश में प्राइवेट (निजी) बिजनेस पार्क विकास योजना और मुख्यमंत्री के गृह जनपद में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाने से संबंधी प्रस्ताव को भी अपनी मंजूरी दे दी. राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, कैबिनेट बैठक में आवास, ऊर्जा, माध्यमिक शिक्षा, लोक निर्माण, आईटी, गृह, नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभागों से जुड़े कुल 21 प्रस्तावों पर मुहर लगी गई हैं.
30 मार्च से गेहूं खरीद शुरू होगी
कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए सुरेश खन्ना ने बतया कि सरकार ने बीते वर्ष के मुक़ाबले गेहूं का न्यूनतम समर्थन 160 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया है. इसके साथ ही यह तय किया गया है कि प्रदेश में गेहूं की खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी. गेहूं खरीद के लिए प्रदेश के 75 जिलों में आठ क्रय एजेंसियों के 6,500 गेहूं क्रय केंद्र तय किए गए हैं. गेहूं की खरीद एफसीआई और यूपी मंडी परिषद के माध्यम से होगी.
इसके अलावा पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ भी राज्य में किसानों से गेहूं की खरीद करेगी. सुरेश खन्ना का कहना है कि गेहूं खरीद के दामों में इजाफा किए जाने का सीधा लाभ 1.73 लाख किसानों को होगा. सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसानों से सीधे गेहूं खरीद कर उन्हें उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए. उन्होने यह भी बताया कि सरकार किसानों से गेहूं खरीद के लिए बोरे उपलब्ध कराती है पर इस बार वैश्विक परिस्थितियों के चलते बोरे महंगे होने पर सरकार ने अतिरिक्त धनराशि देने का निर्णय लिया.
प्राइवेट बिजनेस पार्क को मिली मंजूरी
सुरेश खन्ना के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने सूबे में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्लग एंड प्ले मॉडल पर प्राइवेट (निजी) विकासकर्ताओं को शेड वाले बिजनेस पार्क विकसित करने की योजना संबंधी औद्योगिक विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.इस फैसले के तहत निजी विकासकर्ता को सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी. उस भूमि पर प्राइवेट विकासकर्ता शेड सहित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा. शेड निवेशकों को किराए पर उपलब्ध होंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते माह सिंगापुर और जापान की यात्रा के दौरान उक्त देशों में ऐसे बिजनेस पार्क देखे थे, जिनमें छोटे-छोटे निवेशकों ने अपनी इकाइयां स्थापित की थी. जिससे प्रभावित होकर उन्होने प्रदेश में भी ऐसे पार्क स्थापित करने के लिए इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे. इन्वेस्ट यूपी द्वारा तैयार किए गए ऐसे ही प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मोहर लगाई है.इसके चलते यूपी के सभी 75 जिलों में प्राइवेट बिजनेस पार्क स्थापित किए जाएंगे.
कैबिनेट से इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
सुरेश खन्ना के अनुसार, कैबिनेट ने गोरखपुर को 'सोलर सिटी' के रूप में विकसित करने और वहां 20 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इसके अलावा, शोधित जल के सुरक्षित पुन: उपयोग के लिए नई नीति 'उत्तर प्रदेश राज्य नीति (एस.आर.टी.डब्ल्यू.)-2026' पर भी मोहर लगाई गई है.
इसके साथ ही कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के एनसीसी निदेशालय में लिपिकीय संवर्ग के पुनर्गठन, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ को पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य भुगतान के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से मिलने वाले ऋण पर गारंटी देने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के शोधित जल के गैर-पेय कार्यों में उपयोग की नीति लागू करने, बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के कर्मियों पर अन्य प्राधिकरणों की तरह नियम लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण केन्द्रीयित सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2026 संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है.