लाइव न्यूज़ :

बाजार संघों को भीड़ नियंत्रित करने का कोई अधिकार नहीं: व्यापारी संगठन

By भाषा | Updated: July 12, 2021 18:17 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 12 जुलाई व्यापारी संगठनों ने उप राज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के उन आदेशों पर सोमवार को आपत्ति व्यक्त की जिनमें बाजारों में भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी उनके संबंधित व्यापारी संघों पर डाली गयी है।

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कहा कि बाजार संघों को कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि उनके पास कोई कानूनी अधिकार नहीं है। यह पुलिस और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।

डीडीएमए ने पिछले कुछ दिन में दिल्ली के अनेक बाजारों को कोविड के नियमों के उल्लंघन के मामले में बंद करने का आदेश दिया। अपने आदेश में उसने कहा कि कोविड के लिहाज से अनुकूल व्यवहार के लिए सभी कदम उठाने की जिम्मेदारी संबंधित बाजार संगठनों की है।

सीटीआई के अध्यक्ष ब्रजेश गोयल ने एक बयान में कहा कि दुकानदारों को केवल उनकी दुकानों और गोदामों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतहैदराबाद में हैं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, दिल्ली घर पर असम पुलिस ने की छापेमारी?, दिल्ली पुलिस की टीम कर रही मदद, वीडियो

विश्वजान बचानी हो तो अगले 12 घंटे तक ट्रेन की यात्रा मत करना?, इजरायली सेना ने ईरान के लोगों को दी धमकी?, ईरानी समयानुसार रात 9:00 बजे तक पूरे देश में यात्रा करने से बचें

क्रिकेट35 लाख रुपये की घड़ी?, पंजाब किंग्स मालकिन प्रीति जिंटा ने दिखाया जलवा, वीडियो

क्रिकेटVIDEO: "ए डीजे, अंदर आओ यार!", स्टाफ सदस्य पर बरसे रोहित शर्मा जानें क्या है पूरा माजरा

क्राइम अलर्टनागपुर में हड़कंप: दोसर भवन चौक पर डेटोनेटर और जिलेटिन मिलने की खबर

भारत अधिक खबरें

भारतNBEMS GPAT 2026: आ गया जीपैट का रिजल्ट, डायरेक्ट लिंक से चेक करें अपना स्कोर

भारतMBOSE SSLC 10th Result 2026: कक्षा 10 का परिणाम घोषित?, परिणाम देखने के लिए इस लिंक पर जाइये

भारतKarnataka 2nd PUC Result 2026: रोल नंबर तैयार रखें, कभी भी आ सकता है रिजल्ट

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए