लाइव न्यूज़ :

महाराष्ट्र: कांग्रेस ने की राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, 'हास्यास्पद'

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: July 16, 2023 07:51 IST

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस नेता बाला साहब थोराट द्वारा राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि ऐसे समय में जब हमारे पास 210 विधायकों का पूर्ण बहुमत है, ऐसी मांग करना किसी मजाक से कम नहीं है।

Open in App
ठळक मुद्देएकनाथ शिंदे ने कांग्रेस नेता बाला साहब थोराट द्वारा की गई राष्ट्रपति शासन की मांग को बताया हास्यास्पदसीएम शिंदे ने कहा कि जब हमारे पास 210 विधायकों का पूर्ण बहुमत है, तब भला ऐसी मांग क्योंकांग्रेस नेता थोराट 45 विधायकों के बल पर पार्टी के लिए नेता विपक्ष के पद की मांग कर रहे हैं

मुंबई: महाराष्ट्र में सियासत का पहिया तेजी से घूम रहा है। विपक्षी दल कांग्रेस महाराष्ट्र की मौजूदा शिंदे सरकार पर दबाव बना रही है कि वो गद्दी खाली करें और सूबे में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। अंग्रेजी समाचार पत्र के अनुसार कांग्रेस नेता बाला साहब थोराट ने ऐलान किया है कि कांग्रेस एनसीपी में अजित पवार गुट के अलग होने के कारण विधानसभा में मुख्य विपक्ष के पद पर दावा करेगी। इसके साथ ही थोराट ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।

जिसके जवाब में मुख्यमंत्री एकानाथ शिंदे ने उनकी मांग को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि ऐसे समय में जब हमारे पास 210 विधायकों का पूर्ण बहुमत है, ऐसी मांग करना हास्यास्पद है। इतने बड़े नेता द्वारा ऐसा बयान देना हास्यास्पद है।

सीएम शिंदे ने यह बात नवी मुंबई में कही, जहां उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उनका बेहद भव्य स्वागत किया। सीएम शिंदे ने कांग्रेस नेता थोराट के बयान को चर्चा में बने रहने का माध्यम बताया।

महाराष्ट्र की राजनीति में बयानों का यह भूचाल एनसीपी नेता अजित पवार के सत्ता खेमे में शामिल होने के बाद आ रहा है। कांग्रेस नेता थोराट का दावा है कि कांग्रेस को विधानसभा में मुख्य विपक्ष दल का पद मिलना चाहिए क्योंकि पूर्व विपक्षी दल के प्रधान अब सरकार में चले गये हैं और कांग्रेस के पास सर्वाधिक 45 विधायक हैं। इसलिए नियमावली के तहत कांग्रेस पार्टी से विधानसभा का नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहिए।

दरअसल इस सियासत के पीछे सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर को जारी की गई नोटिस भी एक मुख्य कारण है। शिवेसना (यूबीटी) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर राहुल नार्वेकर से सीएम शिंदे समेत तत्कालीन शिवसेना से बगावत करने और पार्टी व्हीप का उल्लंघन करने वाले विधायकों के खिलाफ लंबित मामले में जल्द फैसला न लेने के विषय में नोटिस जारी करते हुए दो हफ्ते में जवाब मांगा है।

शिवसेना यूबीटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके अपील की थी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीते 11 मई को दिये स्पष्ट फैसले में शिवसेना में उपजे बगावत में हिस्सा लेने वाले विधायकों की विधानसभा सदस्यता पर स्पीकर राहुल नार्वेकर को फैसला लेना था लेकिन विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर अयोग्यता की लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय नहीं ले रहे हैं।

टॅग्स :एकनाथ शिंदेबालासाहेब थोराटकांग्रेसशिव सेनाBJPसुप्रीम कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारत अधिक खबरें

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब