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Lokmat Parliamentary Awards 2025: डॉ. विजय दर्डा ने कहा- लोकमत लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है

By रुस्तम राणा | Updated: December 17, 2025 21:13 IST

लोकमत मीडिया ग्रुप के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. विजय दर्डा ने इस कार्यक्रम में लोकतंत्र, संसदीय आचरण और जनसेवा के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि संसद सिर्फ़ कानून बनाने की जगह नहीं है, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों के लिए उम्मीद का केंद्र है।

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Lokmat Parliamentary Awards 2025: लोकमत पार्लियामेंट्री अवॉर्ड्स 2025 नई दिल्ली में आयोजित किए गए, ताकि उन सांसदों को सम्मानित किया जा सके जिन्होंने अपने काम से संसद की गरिमा को मज़बूत किया है। ये अवॉर्ड सांसदों को उनकी असरदार बहस, सक्रिय भागीदारी और विधायी योगदान के लिए दिए जाते हैं। लोकमत मीडिया ग्रुप के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. विजय दर्डा ने इस कार्यक्रम में लोकतंत्र, संसदीय आचरण और जनसेवा के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि संसद सिर्फ़ कानून बनाने की जगह नहीं है, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों के लिए उम्मीद का केंद्र है।

उन्होंने कहा, "संसदीय पुरस्कारों का उद्देश्य उन सांसदों को बढ़ावा देना है जो शोर-शराबे के बीच भी सार्थक बहस और विधायी काम को प्राथमिकता देते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि लोकमत ग्रुप इन पुरस्कारों के ज़रिए लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहा है। डॉ. दर्डा ने कहा, "हमारा लक्ष्य राजनीति में अच्छे काम को पहचान दिलाना है ताकि कानून बनाने वालों की आने वाली पीढ़ियों के पास फॉलो करने के लिए रोल मॉडल हों।"

चयन प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए डॉ. दर्डा ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल की अध्यक्षता वाली जूरी ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर सिर्फ़ परफॉर्मेंस पर ध्यान दिया। उन्होंने आगे कहा कि ये अवॉर्ड सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियों के बीच हेल्दी कॉम्पिटिशन पैदा करते हैं। उन्होंने दूसरे विनर्स को बधाई दी और कहा कि उनकी एक्टिव भागीदारी भारतीय लोकतंत्र को जीवंत रखती है।

राजधानी दिल्ली स्थित नए महाराष्ट्र सदन में यह पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया है। यह पुरस्कार का छठा संस्करण है। संसदीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सांसदों को ‘लोकमत’ पत्र समूह की ओर से पिछले पांच वर्षों से ‘लोकमत पार्लियामेंटरी पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार शाम छह बजे लोकसभा और राज्यसभा के चार-चार सांसदों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, ‘लोकमत पार्लियामेंटरी अवॉर्ड’ की ज्यूरी के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल तथा सहकार और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल उपस्थित रहे। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायाधीश भूषण गवई की भी विशेष उपस्थिति रही। लोकमत मीडिया समूह के एडिटोरियल बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व सांसद डॉ. विजय दर्डा और लोकमत के एडिटर-इन-चीफ राजेंद्र दर्डा की मौजूदगी में यह समारोह होगा।

इसके अलावा, ‘लोकमत’ कॉन्क्लेव के तहत दो विषयों पर चर्चा सत्र आयोजित किए गए हैं। इस वर्ष की ज्यूरी में पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल (अध्यक्ष), लोकसभा सांसद प्रो. सौगत राय, भर्तृहरि महताब, डॉ. निशिकांत दुबे, कनिमोझी करुणानिधि, राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्रा, जया बच्चन, डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त, लोकमत मीडिया समूह के एडिटोरियल बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व सांसद डॉ. विजय दर्डा और नेशनल एडिटर हरीश गुप्ता शामिल थे.

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