Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर पक्ष और विपक्ष की तैयारी शुरू हो गई है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) का गठन किया है। एनडीए गठबंधन भी लगातार मीटिंग कर रहा है। इस बीच कर्नाटक में जनता दल (सेक्युलर) ने भाजपा के साथ गठबंधन किया है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री एवं बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। पटनायक हमेशा एनडीए गठबंधन का साथ देते हैं। लोकसभा और राज्यसभा में कई बिल पर पीएम मोदी को समर्थन दे चुके हैं। आपको बता दें कि ओडिशा में 20 लोकसभा की सीट हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाले जनता दल (सेक्यूलर) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने का फैसला किया। कर्नाटक में 26 लोकसभा की सीट हैं। लोकसभा चुनाव से पहले जद (एस) के इस फैसले को कर्नाटक की राजनीति में अहम माना जा रहा है क्योंकि देवेगौड़ा परिवार की यह पार्टी दक्षिण के इस राज्य में तीसरी बड़ी ताकत है।
पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। पटनायक ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा उठाये गये कदमों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने यहां ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ समूह द्वारा आयोजित ओडिशा साहित्य महोत्सव में एक सत्र में भाग लिया।
मोदी सरकार को ‘‘10 में से 8’’ रेटिंग देते हुए पटनायक ने केंद्र की विदेश नीति और भ्रष्टाचार उन्मूलन की दिशा में किये जा रहे कामों की सराहना की। पटनायक ने कहा, ‘‘मैं मोदी सरकार को विदेश नीति और कई अन्य मामलों में किए गये कार्यों के कारण 10 में से 8 रेटिंग देता हूं... साथ ही इस (भाजपा) सरकार में भ्रष्टाचार भी कम हुआ है।’’
भाजपा का मानना है कि जद (एस) के साथ गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनावों में उसका दबदबा सुनिश्चित करेगा क्योंकि क्षेत्रीय पार्टी का दक्षिण कर्नाटक में काफी प्रभाव है जहां भगवा पार्टी पारंपरिक रूप से कमजोर रही है। कुमारस्वामी 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए कर्नाटक में भाजपा के साथ अपनी पार्टी के गठबंधन पर चर्चा के लिए बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंचे थे।
दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की चर्चा तब से सुर्खियों में थी जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और संसदीय बोर्ड के सदस्य बी एस येदियुरप्पा ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि उनकी पार्टी आम चुनावों के लिए जद(एस) के साथ गठबंधन करेगी और जद(एस) कर्नाटक में चार लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
कर्नाटक में लोकसभा की कुल 28 सीट हैं। भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में इनमें से 25 सीट जीती थीं, जबकि मांड्या सीट पर उसके समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार सुमलता अंबरीश ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस और जद(एस) ने एक-एक सीट जीती थी।
इस साल मई में हुए 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 135 सीटों पर जीत मिली थी जबकि उस समय सत्ता में मौजूद भाजपा के हिस्से में 66 सीट आई थी। जद (एस) का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था और उसे 19 सीटों से संतोष करना पड़ा था।
महिला आरक्षण विधेयक पर एक सवाल का जवाब देते हुए, पटनायक ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। मेरी पार्टी ने हमेशा महिला सशक्तीकरण का समर्थन किया है। मेरे पिता (पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक) ने स्थानीय चुनावों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित की थी और मैंने इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया।’’
पटनायक ने कहा कि उनकी पार्टी ने 2019 के चुनाव में ओडिशा की 33 प्रतिशत लोकसभा सीट पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। बीजद अध्यक्ष ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘हमने हमेशा इसका स्वागत किया है, हम इसके लिए तैयार हैं।’’
केंद्र के साथ उनकी सरकार के संबंधों के बारे में पूछे जाने पर, पटनायक ने कहा, ‘‘केंद्र के साथ हमारे मधुर संबंध हैं। स्वाभाविक रूप से, हम अपने राज्य का विकास चाहते हैं और विकास में केंद्र सरकार की भागीदारी महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार गरीबी उन्मूलन और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है।
ऑल इण्डिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) बाहर
भारतीय जनता पार्टी के साथ अपने चार साल पुराने गठबंधन को समाप्त करने का ऐलान करते हुए ऑल इण्डिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने सोमवार को घोषणा की कि वह 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए एक अलग मोर्चे का नेतृत्व करेगी।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर निकलने का फैसला यहां अन्नाद्रमुक मुख्यालय में पार्टी प्रमुख ई के पलानीस्वामी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक में किया गया। इस फैसले पर खुशी जताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां मुख्यालय के बाहर पटाखे चलाए।
हाल ही में अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेताओं ने नयी दिल्ली में भाजपा प्रमुख जे पी नड्डा से मुलाकात की थी और उन्हें भाजपा की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख के अन्नामलाई की राजनीति की आक्रामक शैली से बनी राज्य की जमीनी स्थिति से अवगत कराया था। अन्नाद्रदमुक नेताओं ने मांग की थी कि मशहूर द्रविड़ हस्ती दिवंगत सी एन अन्नादुरै पर टिप्पणी को लेकर अन्नामलाई माफी मांगें या उन्हें पद से हटा दिया जाए।
आज की बैठक में हुए विचार-विमर्श के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता के पी मुनुसामी ने कहा कि पार्टी ने राजग से अलग होने और अगले साल होने वाले चुनाव में समान विचारधारा वाले दलों के गठबंधन का नेतृत्व करने का सर्वसम्मति से संकल्प लिया है।
स्वीकार किए गए संकल्प में किसी का नाम लिए बिना कहा गया है कि भाजपा का राज्य नेतृत्व हाल ही में पार्टी की नीतियों की आलोचना करने के साथ ही मशहूर द्रविड़ हस्ती दिवंगत सी एन अन्नादुरै और दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता को बदनाम कर रहा है।
अन्नाद्रमुक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई के बयानों को लेकर नाराज थी और अन्नादुरै के बारे में उनके हालिया बयानों से दोनों दलों के बीच दरार पैदा हो गई थी। अन्नाद्रमुक की इस बैठक में पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ ही जिला सचिवों और विधायकों एवं सांसदों ने हिस्सा लिया। यहां पार्टी मुख्यालय में पटाखे चलाए जाने के बीच, मुनुसामी ने कहा कि सर्वसम्मति से किए गए इस फैसले में दो करोड़ से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं एवं आकांक्षाओं का सम्मान किया गया है।
अन्नाद्रमुक के आधिकारिक हैंडल के साथ ही समर्थकों ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस संबंध में कई पोस्ट किए जिसमें ‘‘धन्यवाद, कृपया दोबारा नहीं आएं’’ हैशटैग के साथ संदेश पोस्ट किए। इस पोस्ट को भाजपा के लिए झिड़की माना जा रहा है। वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने पिछले हफ्ते यह कहते हुए भाजपा के साथ गठबंधन समाप्त कर दिया था कि वह पार्टी के रुख को स्पष्ट कर रहे हैं।
(इनपुट एजेंसी)