जम्मूः एलओसी को पार कर प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में छिपने वाले आतंकियों की अब खैर नहीं है। ऐसे आतंकियों से निपटने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस ने अपने जवानों का एक स्क्वाड तैयार किया है जिसे ऊंचाई वाले इलाकों में लड़ने का प्रशिक्षण दिया गया है। इस स्क्वाड का नाम स्नो लेपर्ड स्क्वाड रखा गया है जिसके प्रति कहा जा रहा है वह स्नो लेपर्ड की भांति ही आतंकियों पर झपटेगा।
जम्मू कश्मीर पुलिस ने कल ही अपने नवगठित इस विशेष ’स्नो लेपर्ड’ दस्ते का अनावरण किया, जो एक विशेष उच्च ऊंचाई वाली इकाई है, जो केंद्र शासित प्रदेश के पहाड़ी और बर्फ से ढके क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवाद विरोधी अभियानों को अंजाम देने के लिए बनाई गई है।
अधिकारियों ने बताया कि दस्ते को गुलमर्ग में चल रहे खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों के दौरान पहली बार तैनात किया गया है, जहां यह लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर एथलीटों, अधिकारियों और टूरिस्टों को सुरक्षित करने के लिए जिम्मेदार है। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि तैनाती इकाई की परिचालन शुरुआत का प्रतीक है,
जिसे विशेष रूप से पर्वतीय सुरक्षा अभियानों और चरम इलाकों की चुनौतियों के लिए डिजाइन किया गया है। वे कहते थे कि ’स्नो लेपर्ड’ दस्ते को उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उभरते आतंकी खतरों का जवाब देने के लिए बनाया गया है, जहां आतंकवादी कठिन इलाकों और कठोर मौसम की स्थिति का फायदा उठाने का प्रयास करते।
वे कहते थे कि स्क्वाड के लोगों ने छह महीने से अधिक की इंटेंसिव स्पेशल ट्रेनिंग ली, जो आर्मी के पैरा कमांडो और ग्रेहाउंड्स स्पेशल फोर्सेज जैसे एलीट ग्रुप्स के साथ की गई ताकि लड़ाई की तैयारी और आपरेशनल कोआर्डिनेशन को बेहतर बनाया जा सके।
जानकारी के लिए स्क्वाड को सब जीरो टेम्परेचर में माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक, कम आक्सीजन वाले माहौल, घने जंगलों और एवलांच वाले इलाकों में काम करने की ट्रेनिंग दी गई है। अधिकारियों के बकौल, लड़ाकू रोल के अलावा, यूनिट को एवलांच, लैंडस्लाइड और पहाड़ी इलाकों में आम तौर पर होने वाली दूसरी नेचुरल इमरजेंसी से निपटने के लिए डिजास्टर रिस्पान्स ट्रेनिंग भी मिली है।
इन अधिकारियों का कहना था कि यूनिट में अभी 100 से अधिक ट्रेंड जवान व अधिकारी हैं और स्नो लेपर्ड स्क्वाड को जम्मू कश्मीर में कहीं भी तैनात किया जा सकता है, जहां अधिक ऊंचाई पर आपरेशन की जरूरत होती है।