लाइव न्यूज़ :

कर्नाटक: मंदिर विधेयक विधान परिषद में निरस्त, मुख्यमंत्री ने भाजपा पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 24, 2024 20:15 IST

इस सप्ताह की शुरुआत में विधानसभा में पारित कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती (संशोधन) विधेयक, 2024 को शुक्रवार को विधान परिषद में पारित नहीं हो सका। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के पास बहुमत है। 

Open in App
ठळक मुद्देसिद्धरमैया ने विधान परिषद में हिंदू मंदिरों पर कर लगाने वाले विधेयक के पारित नहीं होने के लिए शनिवार को विपक्ष, खासकर भाजपा को जिम्मेदार ठहरायाकर्नाटक के मुख्यमंत्री ने भाजपा पर इस संबंध में 'झूठी सूचना' फैलाने का आरोप लगायाकर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती (संशोधन) विधेयक, 2024 को शुक्रवार को विधान परिषद में पारित नहीं हो सका

हासन (कर्नाटक): कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने विधान परिषद में हिंदू मंदिरों पर कर लगाने वाले विधेयक के पारित नहीं होने के लिए शनिवार को विपक्ष, खासकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया और भाजपा पर इस संबंध में 'झूठी सूचना' फैलाने का आरोप लगाया। इस सप्ताह की शुरुआत में विधानसभा में पारित कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती (संशोधन) विधेयक, 2024 को शुक्रवार को विधान परिषद में पारित नहीं हो सका। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के पास बहुमत है। 

सिद्धरमैया ने कहा, ''इसमें कुछ भी नहीं था, उन्होंने (भाजपा नीत विपक्ष) जानबूझकर ऐसा किया। वे गलत सूचनाएं फैला रहे हैं। इस विधेयक में संपन्न हिंदू मंदिरों से पैसे का एक हिस्सा लेकर उन हिंदू मंदिरों को देने का प्रावधान था, जिनके पास कम दान या चंदा आता है या फिर बिल्कुल दान नहीं आता। इसका उपयोग किसी अन्य धार्मिक स्थानों के लिए नहीं किया जाता।'' उन्होंने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ''अगर हम इस उद्देश्य से विधेयक लाते हैं, तो विपक्ष इसे परिषद में गिरा देता है क्योंकि उनके पास वहां बहुमत है।'' 

भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस सरकार पर हिंदुओं का पैसा लूटने की योजना बनाने का आरोप लगाये जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, ''वे (भाजपा) लूट रहे थे इसलिए राज्य के लोगों ने पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया।'' विधेयक में उन मंदिरों से पांच प्रतिशत कर वसूलने का प्रस्ताव था जिनकी सकल आय 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये के बीच है, जबकि जिन मंदिरों की आय एक करोड़ रुपये से अधिक है उनसे 10 प्रतिशत कर लेने का प्रावधान था। 

खबर - पीटीआई भाषा

टॅग्स :सिद्धारमैयाकर्नाटकBJP
Open in App

संबंधित खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप