पाकिस्तान और पाक कब्जे वाले कश्मीर से काम कर रहे हैं 310 युवक?, आतंक की क्यारियों में बीज बो रहे?, एलओसी से सटे पुंछ में खुलासा
By सुरेश एस डुग्गर | Updated: January 5, 2026 15:53 IST2026-01-05T15:52:50+5:302026-01-05T15:53:40+5:30
लाइन आफ कंट्रोल से घुसपैठ की कोशिशों को बढ़ावा देना, नशीले पदार्थों की तस्करी, युवाओं का कट्टरपंथ और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियां शामिल हैं।

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जम्मूः दरअसल अधिकारियों का दावा है कि पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने पुंछ के सीमावर्ती जिले में 310 ऐसे लोगों की पहचान की है जो पाकिस्तान और पाक कब्जे वाले कश्मीर से काम कर रहे हैं ताकि इस ओर परेशानी पैदा कर सकें, जिसमें लाइन आफ कंट्रोल से घुसपैठ की कोशिशों को बढ़ावा देना, नशीले पदार्थों की तस्करी, युवाओं का कट्टरपंथ और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियां शामिल हैं।
उच्च पदस्थ सूत्रों का दावा था कि पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों द्वारा किए गए एक बड़े अभियान के बाद, पुंछ जिले में लगभग 310 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से ज्यादातर मेंढर, सुरनकोट और साब्जियां के रहने वाले हैं, जो पिछले तीन दशकों में लाइन आफ कंट्रोल का इस्तेमाल करके पाकिस्तान और पाक कब्जे वाले कश्मीर चले गए हैं।
अब दुश्मन की जमीन से न सिर्फ पुंछ बल्कि पड़ोसी राजौरी जिले में भी अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं। सूत्रों का कहना था कि पाकिस्तान और उस कश्मीर गए लोगों की पहचान एजेंसियों द्वारा किए गए विस्तृत सर्वे के बाद की गई। इन सभी लोगों की पहचान कर ली गई है और लिस्ट तैयार कर ली गई है, लेकिन उनके नाम अभी तक गुप्त रखे गए हैं।
सूत्रों बताते थे कि पुलिस ने इन तत्वों के पाकिस्तान जाने के पूरे सबूत हासिल कर लिए हैं और उनकी प्रापर्टी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि पिछले तीन दशकों में पुंछ जिले के कुल 2500 लोग अवैध रूप से उस कश्मीर और फिर पाकिस्तान चले गए हैं। हालांकि, इनमें से लगभग 310 लोगों की भूमिका गैर-कानूनी गतिविधियों में सामने आई है।
बताया जा रहा है कि जो लोग उस कश्मीर और पाकिस्तान गए हैं, वे जिले के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले हैं, लेकिन उनमें से ज्यादातर मेंढर, सुरनकोट और साब्जियां इलाकों के हैं। मेंढर और साब्जियां पाक कब्जे वाले कश्मीर के साथ एलओसी के पास स्थित हैं। अधिकारियों का कहना था कि जो पिछले तीन दशकों में उस कश्मीर चले गए और उनमें से कुछ बाद में पाकिस्तान पहुंच गए।
उनमें से ज्यादातर लोग अवांछित गतिविधियों में शामिल रहे हैं, जिसमें जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देना और युवाओं को आतंकवाद में शामिल करने के लिए उन्हें कट्टरपंथी बनाने की कोशिशें शामिल हैं। दावा यह भी किया जा रहा है कि इनमें से कुछ लोग पाकिस्तान और उस कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े एक्टिव आतंकवादी हैं और वे न सिर्फ घुसपैठ की कोशिशों में मदद कर रहे हैं, ड्रोन और दूसरे तरीकों से हथियार और ड्रग्स भेजने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहले प्रोसेस में, पाकिस्तान और उस कश्मीर भाग गए ज्यादातर लोगों की पहचान की गई। दूसरे स्टेज में, उनके नाम पर मौजूद संपत्तियों की जांच की गई। और सही कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए, उनकी संपत्तियों को अटैच किया जा रहा है।
पुलिस ने पहले ही ऐसे करीब दो दर्जन लोगों की संपत्तियों को अटैच कर लिया है, जबकि 20-25 लोगों की संपत्तियों को 26 जनवरी तक कानून की सही प्रक्रिया का पालन करते हुए जब्त कर लिया जाएगा। और, समय के साथ, अवैध गतिविधियों में शामिल होने के लिए पहचाने गए सभी लोगों की संपत्तियों को अटैच किया जाएगा।