लाइव न्यूज़ :

झारखंड हाईकोर्ट से हेमंत सोरेन को लगा झटका, सीएम व करीबियों के शेल कंपनियों में निवेश पर दायर याचिका हुई स्वीकार

By एस पी सिन्हा | Updated: June 3, 2022 15:39 IST

सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन व न्यायाधीश एसएन प्रसाद की अदालत ने दाखिल याचिका को वैध माना है और याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। अदालत ने कहा कि वह इस मामले में मेरिट पर सुनवाई करेगी।

Open in App
ठळक मुद्देराज्य सरकार, प्रार्थी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ईडी की बहस पूरी होने के बाद बुधवार को अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।इस मामले की सुनवाई 10 जून को फिजिकल कोर्ट में होगी।

रांची:झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई बसंत सोरेन के करीबियों द्वारा शेल कंपनियों में निवेश की जांच मांग को लेकर दाखिल याचिका की वैधता पर आज सुनवाई हुई। कोर्ट ने मुख्यमंत्री के करीबियों के शेल कंपनियों में निवेश पर दायर जनहित याचिका को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने इसे सुनवाई योग्य माना है। मेंटेनबिलिटी की बिंदु पर सरकार की ओर से दी गई दलिलों को खारिज कर दिया है।

सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन व न्यायाधीश एसएन प्रसाद की अदालत ने दाखिल याचिका को वैध माना है और याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। अदालत ने कहा कि वह इस मामले में मेरिट पर सुनवाई करेगी। सरकार ने समय मांगा था। अब इस मामले की सुनवाई 10 जून को फिजिकल कोर्ट में होगी। 10 जून के दिन सुनवाई के लिए यह पहला केस होगा। वहीं झारखंड सरकार कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी। 

महाधिवक्ता ने कोर्ट के आदेश जल्द अपलोड करने का आग्रह किया है। ईडी का कहना है कि प्रथम दृष्टया शेल कंपनियों के जरिए मनी लांड्रिंग किए जाने का अपराध हुआ है। झारखंड में अवैध खनन संपत्ति अर्जित करने वालों की जांच से सरकार को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अगर याचिका दाखिल करने में नियमों का पालन नहीं किया गया है, तो इसका सहारा लेकर न्याय का रास्ता नहीं रोका जा सकता है। कोर्ट इस मामले में अपने शक्तियों का इस्तेमाल कर जांच का आदेश देना चाहिए।

बता दें कि राज्य सरकार, प्रार्थी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ईडी की बहस पूरी होने के बाद बुधवार को अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। एक ओर जहां राज्य सरकार इस याचिका की वैधता यानी याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट से आग्रह किया था कि वह इस याचिका पर आगे की सुनवाई नहीं करे, क्योंकि प्रार्थी शिव शंकर शर्मा ने झारखंड हाई कोर्ट रूल के तहत याचिका दाखिल नहीं की है। उन्होंने न तो अपने बारे में पूरी जानकारी दी थी और न ही संबंधित मामले के इतिहास को अदालत के समक्ष रखा था। 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार साफ हृदय और साफ मंशा से ही जनहित याचिका दाखिल की जा सकती है। यानी प्रार्थी किसी प्रकार से अपने किसी खास उद्देश्य के लिए ऐसा नहीं कर सकता है। वहीं, प्रार्थी ने कहा कि नियमानुसार प्रार्थी के बारे में सभी तथ्यों की जानकारी दी गई है। जब सरकार की ओर से याचिका की वैधता पर सवाल उठाया गया, तो उनकी ओर से पूरक शपथ पत्र दाखिल किया गया है। 

इसके अलावा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबियों के कंपनियों के बारे में जानकारी दी गई है, जिसकी जांच सीबीआई से कराया जाना उचित होगा। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने आदेश की कॉपी आने तक समय की मांग की है। जबकि जवाब में याचिककर्ता के वकील ने सुनवाई शीघ्र शुरू करने की मांग की। याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर इसमें देर हुई तो साक्ष्य में छेड़छाड़ संभव है।

टॅग्स :हेमंत सोरेनझारखंडसुप्रीम कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबेटे को ठीक करना है तो कुंवारी बेटी को बलि दो?, मां रेशमी देवी, तांत्रिक शांति देवी और भीम राम ने गला घोंटकर मार डाला

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

क्राइम अलर्टलोहे की रॉड से पीट-पीटकर पत्नी गांगी देवी को पति चितरंजन सिंह मुंडा ने मार डाला, किसी बात पर झगड़ा और ली जान

भारतदेवघर के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में पाकिस्तानी करेंसी मिलने के बाद मचा हड़कंप, देवघर प्रशासन जांच में जुटा

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?