एग्जिट पोल की मानें तो कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और राष्ट्रीय जनता दल की गठबंधन को झारखंड में सरकार बनाने के लिए बहुमत मिलने की संभावना है। 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक पांच चरणों में झारखंड के कुल 81 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न हुए थे। इन सभी सीटों की मतों की गिनती आज होगी।
जिस तरह अधिकांश एग्जिट पोल ने भविष्यवाणी की है कि कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और राष्ट्रीय जनता दल गठबंधन को झारखंड में सरकार बनाने के लिए बहुमत मिलने की संभावना है । ऐसे में लोगों की नजर दिन भर झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों पर रहेगी।
मतगणना प्रदेश के सभी 24 जिला मुख्यालयों पर आज सुबह 8 बजे शुरू होगी। मतगणना का अधिकतम दौर चतरा में 28 राउंड होगा जबकि सबसे कम राउंड की गिनती चंदनकियारी और तोरपा नाम के दो विधानसभा सीटों पर होगा। चुनाव आयोग ने सभी जिला मुख्यालयों पर मतगणना की व्यवस्था की है।
हालांकि, तमाम एग्जिट पोल के बावजूद भाजपा सत्ता में लौटने के लिए आश्वस्त है। न्यूज 18 रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा महासचिव दीपक प्रकाश ने कहा, "हम बहुमत के आंकड़े को पार कर लेंगे। मतगणना तक रुकें। लोगों ने पांच साल के शासन में ही एक बार फिर से विश्वास को दोहराया है।"
वहीं, दूसरी तरफ झामुमो महागठबंधन की जीत का अनुमान लगा रहा है। जेएमएम के महासचिव विनोद पांडे ने कहा, "महागठबंधन को निश्चित रूप से बहुमत मिलेगा। लोग भाजपा सरकार से तंग आ चुके हैं"।
आपको बता दें कि राज्य में दो राष्ट्रीय दलों के अलावा कई स्थानीय दलों के उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं। सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के अलावा आजसू , झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), झारखंड विकास मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल जैसे दल चुनाव लड़ रहे हैं।
झामुमो ने 43 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए जबकि उसके सहयोगी दल कांग्रेस और राजद ने क्रमश: 31 और सात सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए।
चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में कुल 2.26 करोड़ मतदाता हैं। राज्य भर में मतदाताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले मतदान केंद्रों की संख्या 29,464 है। यह संख्या 2014 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।
अपने 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले झारखंड के पहले मुख्यमंत्री रघुबर दास बने हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता में वापसी की जिम्मेदारी भी इन्हीं के कंधों पर था।
बता दें कि झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर में कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, चतरा, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद के सात जिलों में 2009 भाजपा को 25 सीटें मिली थीं। हालांकि, 2014 में यह आंकड़ा और अधिक बढ़ा ही था। 2009 की तुलना में 2014 में इन जिलों में भाजपा को 13 सीटें अधिक मिली थीं। 2014 के चुनाव में पहली बार हजारीबाग, धनबाद और बोकारो सीटों पर भाजपा अपनी ताकत पर जीतने में कामयाब हुई थी।
इसी तरह दक्षिण छोटानागपुर में, रांची, खुंटी, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा के पांच जिलों से विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। भाजपा-आजसू गठबंधन ने पिछले चुनाव में यहां की 15 सीटों में से 10 सीटें जीतीं थीं। इनमें राज्य की राजधानी रांची भी शामिल है।
कोल्हानम में पूर्वी सिंहभूम, सेरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम तीन जिलों के विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस क्षेत्र में भाजपा को 2009 छह सीटें मिली थीं जो घटकर 2014 में पांच हो गई थीं। इस चुनाव में जमशेदपुर की दोनों सीटों पर भी भगवा पार्टी ने ही जीत दर्ज की थी।
पलामू में तीन जिला लातेहार, पलामू और गढ़वा से विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। भाजपा ने यहां नौ में से चार सीटें जीती थीं। जेवीएम और कांग्रेस ने क्रमशः दो और एक सीट जीती थीं। नवजवान संघर्ष मोर्चा (NSAM) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भी यहां से एक-एक सीट जीती थीं।