कौन हैं चंदेश्वर चंद्रवंशी?, उमेश कुशवाहा की जगह होंगे बिहार जदयू प्रदेश अध्यक्ष
By एस पी सिन्हा | Updated: January 6, 2026 16:37 IST2026-01-06T16:35:29+5:302026-01-06T16:37:51+5:30
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अपने कार्यकाल में संगठन को सक्रिय रखने की कोशिश की, लेकिन हाल के दिनों में पार्टी के भीतर बदलाव की चर्चा होने लगी है।

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पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार प्रदेश इकाई में जल्द ही बड़ा संगठनात्मक बदलाव कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को अब नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसे में उनकी जगह नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है। इसमें कई नामों की चर्चा तेज है जिसमें जदयू द्वारा वरिष्ठता, संगठनात्मक अनुभव, जाति समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन को भी ध्यान में रखा जाएगा। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष का यह बदलाव ऐसे समय पर प्रस्तावित है, जब जदयू आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है।
सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने, सामाजिक समीकरण साधने तथा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के लिए नेतृत्व में बदलाव जरूरी है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जिन नेताओं के नाम की चर्चा रेस में है, उसमें जहानाबाद के पूर्व सांसद चंदेश्वर चंद्रवंशी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार चंदेश्वर चंद्रवंशी पार्टी के अनुभवी नेता माने जाते हैं और जहानाबाद सहित मगध क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ रही है। वे सांसद रह चुके हैं और संगठनात्मक मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उनका अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन जदयू को नई दिशा देने में मददगार साबित हो सकता है।
ऐसे में उन्हें पार्टी की ओर से संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर मुहर लग सकती है। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अपने कार्यकाल में संगठन को सक्रिय रखने की कोशिश की, लेकिन हाल के दिनों में पार्टी के भीतर बदलाव की चर्चा होने लगी है।
माना जा रहा है कि यह बदलाव किसी असंतोष से ज्यादा रणनीतिक पुनर्गठन का हिस्सा है। इसमें नए चेहरे को पार्टी की कमान देने की रणनीति बनेगी। हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों का कहना है कि जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी में बदलाव को लेकर औपचारिक ऐलान हो सकता है। यह फेरबदल बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है और आने वाले समय में जदयू की रणनीति को साफ तौर पर दर्शाएगा। नीतीश कुमार का यह कदम जदयू को संगठनात्मक रूप से और मजबूत करने तथा आगामी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए तैयार करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।