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जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान, 9 चरणों में वोटिंग  

By रामदीप मिश्रा | Updated: September 16, 2018 13:25 IST

चुनाव आयुक्त ने तारीखों का ऐलान करते हुए कहा कि यह चुनाव 17 नवंबर से लेकर 11 दिसंबर तक कराए जाएंगे।

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श्रीनगर, 16 सितंबरः जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनावों के ऐलान के बाद रविवार को पंचायत चुनावों की भी तारीखों की घोषणा कर दी गई है। यह चुनाव नौ चरणों में करवाए जाएंगे। राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त शलीन काबरा ने घोषणा करते हुए कहा है कि पंचायत चुनाव नौ चरणों में होंगे। 

उन्होंने तारीखों का ऐलान करते हुए कहा कि यह चुनाव 17 नवंबर से लेकर 11 दिसंबर तक कराए जाएंगे। इस दौरान नवंबर में 17, 20, 24, 27, 29 तारीख को वोटिंग होगी, जबकि दिसंबर में 1, 4, 8 और 11 तारीख को वोटिंग की जाएगी। वहीं, वोटों की गिनती वोटिंग के दिन ही की जाएगी। इसके अलावा वैलेट पेपर के जरिए चुनाव करवाया जाएगा। बतां दें कि जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनावों का भी ऐलान कर दिया गया है। चार चरणों में होने वाले इन चुनावों के लिए मतगणना 20 अक्टूबर को होगी। राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त शलीन काबरा ने बताया कि चुनाव 8, 10, 13 और 16 अक्टूबर को कराए जाएंगे। वोटिंग का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। चुनाव के ऐलान के साथ ही राज्य में आचार सहिंता लागू हो गई है।

उल्लेखनीय है कि राज्य की मुख्य पार्टियों नैशलन कॉन्फ्रेंस और पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी (पीडीपी) ने संविधान के अनुच्छेद 35 (ए) का हवाला देते हुए, निकाय चुनावों को बहिष्कार करने का ऐलान किया है। पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि एक चुनाव जिसमें लोगों की हिस्सेदारी नहीं है, उसे केंद्र चुनाव की तरह देख रहा है तो इसमें हम क्या कह सकते हैं? हमने लोगों से चुनाव में भाग न लेने या फिर उसका बहिष्कार करने को नहीं कहा है, हमने सिर्फ इतना कहा है कि हमारी पार्टी इसमें भाग नहीं लेगी।

इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला ने 35 (ए) के मुद्दे पर पंचायत चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया था। फारुक ने कहा था कि जब तक केंद्र की सरकार 35 (ए) पर राज्य के लोगों के मन में व्याप्त संशय की भावना का समाधान नहीं करती, तब तक नेशनल कॉन्फ्रेंस पंचायत चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी।

पीडीपी की अध्यक्ष और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी की एक बैठक के बाद राज्य के पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। महबूबा की दलील थी कि प्रदेश में अनुच्छेद 35 (ए) को लेकर एक बड़ी अनिश्चितता और डर का माहौल है, ऐसे में अगर इन स्थितियों में सरकार कोई भी चुनाव कराती है तो परिणामों के बाद उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होंगे।

टॅग्स :जम्मू कश्मीर समाचारचुनाव आयोग
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