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Jammu Kashmir Ki Taja Khabar: कश्मीर में इंटरनेट रहेगा ‘सुन्न’, 3 दिनों बाद पुलवामा को छोड़ बाकी जगह बजी मोबाइल की घंटी

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: May 9, 2020 18:16 IST

कश्मीर संभाग में बंद की गई मोबाइल सेवा तीन दिन बाद पुलवामा को छोड़ बाकी सभी जिलों में फिर से बहाल कर दी गई है।

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ठळक मुद्देमोबाइल इंटरनेट के जरिए मुठभेड़ के बाद से ही अलगाववादियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों ने युवाओं को भड़काने का काम शुरू कर दिया था।नायकू की मौत के तीन दिन बाद वादी में मोबाइल फोन सेवा बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।

जम्मू: फिलहाल कश्मीर में इंटरनेट तब तक ‘सुन्न’ रहेगा जब तक सुरक्षाधिकारियों को इसके प्रति तसल्ली न हो जाए कि इसका दुरूपयोग नहीं होगा। नतीजतन तब तक कोरोना से लड़ने वालों को भी इसके परिणाम भुगतने होंगें जो पहले ही तीन दिनों से बंद पड़े हुए मोबाइल फोनों के कारण दर-ब-दर भटक रहे थे। इतना जरूर था कि तीन दिनों के बाद पुलवामा को छोड़ शेष कश्मीर में मोबाइल फोनों की घंटी आज आज उठी है।

कश्मीर संभाग में बंद की गई मोबाइल सेवा तीन दिन बाद पुलवामा को छोड़ बाकी सभी जिलों में फिर से बहाल कर दी गई है। हालांकि मोबाइल इंटरनेट सेवा अभी कुछ दिन और बंद रहेगी। प्रशासन ने वादी में मोबाइल व इंटरनेट बंद उसी दिन बंद कर दिए थे जब गत बुधवार को सुरक्षाबलों ने अवंतीपोरा के बेगपोरा में हिज्बुल मुजाहिदीन के टाप आतंकवादी रियाज नायकू व उसके साथी की घेराबंदी कर ली थी।

नायकू की मौत के तीन दिन बाद वादी में मोबाइल फोन सेवा बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। लाकडाउन के बीच मोबाइल बंद होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि बीएसएनएल की पोस्टपेड व लैंडलाइन फोन सेवा पहले से ही बहाल थी। प्रशासन ने जिला पुलवामा में मोबाइल पर अभी तक अपना प्रतबंध जारी रखा है। यहां नायकू की मौत के बाद से ही लगातार प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है।

मुठभेड़ के दौरान भी अवंतीपोरा में राष्ट्रविरोधी तत्व सुरक्षाबलों के अभियान को बाधित करने के लिए सड़कों पर उतर आए थे। इसमें सुरक्षाबलों के वाहनों को नुकसान भी पहुंचा था। बार-बार चेतावनी के बाद भी जब प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे तो सुरक्षाबलों को मजबूरन बल प्रयोग करना पड़ा। इसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल भी हुए।

शुक्रवार को जिला बडगाम के नसरूल्लापोरा में भी गश्त लगाती जम्मू कश्मीर पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी पर कुछ राष्ट्रविरोधी तत्वों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। इसमें एक डीएसपी घायल हो गया। नायकू की मौत से आतंकवादी समर्थकों को काफी झटका लगा है। मोबाइल इंटरनेट के जरिए मुठभेड़ के बाद से ही अलगाववादियों और राष्ट्रविरोधी तत्वों ने युवाओं को भड़काने का काम शुरू कर दिया था।

घाटी में सालों बाद बनी कथित शांति को नुकसान न पहुंचे, इसी वजह से प्रशासन ने मोबाइल व इंटरनेट सेवा को तुरंत बंद करने का आदेश दिया। कश्मीर संभाग के विभिन्न जिलों में मौजूदा हालातों की समीक्षा करने के बाद प्रशासन ने जिला पुलवामा को छोड़ बाकी सभी जिलों में बंद पड़ी मोबाइल सेवा को फिर से बहाल कर दिया है। फिलहाल पूरी घाटी में कुछ दिन तक इंटरनेट सेवा बंद रहेगी।

टॅग्स :जम्मू कश्मीर
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