लाइव न्यूज़ :

अनुच्छेद 370: श्रीनगर के इस मशहूर होटल में दिन काट रहे 50-60 नेता, अंदर की बातें आईं सामने

By सुरेश डुग्गर | Updated: August 27, 2019 20:07 IST

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित मशहूर होटल में 50 से ज्यादा कश्मीर नेताओं को रखा गया है। प्राप्त हो रही खबरों के मुताबिक, होटल में दिन बिता रहे नेताओं के लिए यह अस्थाई जेल साबित हो रहा है।

Open in App

श्रीनगर के डल झील किनारे विश्व विख्यात संतूर होटल की पहचान ठीक उसी प्रकार अब बदल गई है जैसे जम्मू कश्मीर राज्य की पहचान बदली जा चुकी है। पहले कभी यह होटल राजनेताओं व अधिकारियों का चहेता था पर अब यह इन्हीं राजनीतिज्ञों के लिए अस्थाई जेल बन चुका है।

फिलहाल अभी तक ग्रीष्मकालीन राजधानी के तौर पर जाने जाने वाले श्रीनगर के डल झील के किनारे बना संतूर होटल 50-60 कश्मीरी नेताओं की जेल बन गया है। इन नेताओं को सोमवार को भी अपने रिश्तेदारों से मिलने दिया गया जो उनके लिए कपड़े, फल और अन्य सामान लेकर आए थे। कुछेक के साथ आज भी मुलाकात हो पाई थी। गत 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्घ्छेद 370 हटाए जाने के बाद से इस होटल में नेताओं को रखा गया है।

संतूर होटेल में जिन नेताओं को रखा गया है, उनमें सज्जाद लोन, इमरान अंसारी, यासिर रेसी, इश्फाक जब्बार, अशरफ मीर, सलमान सागर, मुबारक गुल, नईम अख्तर, खुर्शीद आलम, वाहिद पारा, शेख इमरान आदि शामिल हैं। नेताओं से मुलाकात करके लौटे एक बुजुर्ग ने कहा कि यह एक जेल की तरह से ही है लेकिन हमें खुशी है कि मेरा बेटा ठीक है।

बुजुर्ग ने पत्रकारों के साथ बात करते हुए कहा कि हमें कुछ मिनट तक होटल रूम से बाहर गैलरी में जाने की इजाजत दी गई थी। मेरे बेटे ने बताया कि उनकी देखभाल की जा रही है लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि बाहर क्या हो रहा है। जो लोग मिलने आ रहे हैं, वे लोग और समाचार पत्र ही उनकी सूचना के स्रोत हैं। इस बीच बताया जा रहा है कि होटल में रखे गए नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को बाहर के घटनाक्रम की जानकारी मिल रही है।

मुख्यधारा के एक नेता के नजदीकी सहयोगी ने कहा कि नेता जी घाटी में राजनीतिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं। हम उनके लिए कुछ सामान लेकर गए थे लेकिन सुरक्षा बलों ने सिगरेट का पैकेट ले जाने की अनुमति नहीं दी। बता दें कि पिछले हफ्ते राज्य प्रशासन ने एक आदेश जारी कर कहा था कि जेल में बंद नेताओं से उनके परिवार वाले जेल प्रशासन की अनुमति लेकर मिल सकते हैं।

एक सुरक्षाकर्मी ने कहा कि नेताओं को जेल की तरह से ही रहने की अनुमति दी गई है। होटल में कोई टीवी नहीं है और वे अखबार तथा किताबें पढ़कर खुद को व्यस्त रख रहे हैं। नेताओं से मिलने पहुंची पीडीपी विधायक रह चुकी एक महिला ने कहा कि मैं रविवार को शाम छह बजे आई थी लेकिन उन्होंने मुझे अनुमति नहीं दी। पुलिस ने बताया कि मिलने का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक ही है। महिला ने कहा कि उनके पति ने कभी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया, फिर भी उन्हें बंद किया गया है।

टॅग्स :धारा ३७०आर्टिकल 35A (अनुच्छेद 35A)जम्मू कश्मीर
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया