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यादवपुर घटना तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच बनी टकराव का नया विषय

By भाषा | Updated: September 21, 2019 05:42 IST

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि यादवपुर विश्वविद्यालय राष्ट्रविरोधी तत्वों तथा वामपंथियों का अड्डा बन गया है और “हमारे कैडर” उसे नष्ट करने के लिए वहां बालाकोट की तर्ज पर सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे। सुप्रियो राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वहां गए थे।

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ठळक मुद्देयादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन के दौरान कुलपति से बातचीत करने के तौर तरीके को लेकर केंद्रीय मंत्री की निंदा की।कहा कि उनके व्यवहार से विश्वविद्यालय की पूरी बिरादरी अपमानित हुई।मीडिया में ऐसी खबर है कि उनकी अगवानी नहीं करने और प्रदर्शनकारियों द्वारा धक्का मुक्की करने के दौरान पुलिस को नहीं बुलाने पर मंत्री ने कुलपति से रूखे स्वर में बातचीत की।

पश्चिम बंगाल के यादवपुर विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के साथ विद्यार्थियों द्वारा धक्का मुक्की किये जाने और फिर राज्यपाल जगदीप धनखड़ द्वारा उन्हें वहां से बचाकर निकालने की घटना के बाद से शुक्रवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और उसकी विरोधी भाजपा के बीच टकराव का नया दौर शुरू हो गया। 

आम चुनाव से ही तृणमूल से दो दो हाथ कर रही भाजपा ने इस प्रकरण को लेकर राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। तृणमूल कांग्रेस ने विश्वविद्यालय जाने पर राज्यपाल की आलोचना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर तीन दिन बाद दिल्ली से लौंटी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर कुछ नहीं कहा है। 

धनखड़ ने सुप्रियो को बचाने के लिए विश्वविद्यालय के दौरे को न्यायसंगत बताया और कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बातचीत करने के बाद उन्होंने ‘‘पर्याप्त समय’’ तक इंतजार किया और ‘‘स्थिति में कोई बदलाव नजर नहीं आने पर’’ वह विश्वविद्यालय गए। शिक्षा मंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी ने दावा किया कि राज्यपाल सरकार को सूचित किये बगैर विश्वविद्यालय गए। उन्होंने उन पर हंगामे के लिए पश्चिम बंगाल सरकार को जिम्मेदार ठहराने में ‘‘पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण’’ अपनाने का आरोप लगाया। 

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति राज्यपाल ने चटर्जी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि वह राज्यपाल और पुलिस महानिदेशक/मुख्य सचिव तथा मुख्यमंत्री के साथ बातचीत से अनभिज्ञ हैं। राजभवन के बयान के अनुसार धनखड़ ने कहा कि उनके दौरे से अप्रिय स्थिति खत्म हुई। 

विश्वविद्यालय की घटना के अगले दिन केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री सुप्रियो ने हमलावरों को ‘कायर एवं अराजक’ करार दिया एवं कहा कि उनकी पहचान कर उनसे वैसा ही बर्ताव नहीं बल्कि उनका मानसिक रूप से पुनर्वास किया जाएगा। उन्होंने उन्हें बाल पकड़कर खींचने वाले विद्यार्थी की तस्वीर पोस्ट करते हुए ट्वीट किया कि बिना किसी उकसावे के उन पर हमला करने वाले इस विद्यार्थी पर ममता बनर्जी सरकार क्या कार्रवाई करेगी? 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि यादवपुर विश्वविद्यालय राष्ट्रविरोधी तत्वों तथा वामपंथियों का अड्डा बन गया है और “हमारे कैडर” उसे नष्ट करने के लिए वहां बालाकोट की तर्ज पर सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे। सुप्रियो राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वहां गए थे। वाम छात्र संगठनों और तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने लगभग पांच घंटे तक सुप्रियो को घेरे रखा। इसके बाद राज्यपाल गुरूवार की शाम उन्हें वहां से निकाल कर लाये। 

घोष ने आरोप लगाया कि राज्य में तृणमूल सरकार केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो की हत्या होने तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती और कहा कि वह पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह को इस घटना के बारे में बताएंगे। घोष ने विश्वविद्यालय में सुप्रियो को भीड़ से बचाने के लिए राज्यपाल के वहां पहुंचने के फैसले का समर्थन किया। चटर्जी ने कहा कि राज्य सरकार बृहस्पतिवार को यादवपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों पर हमला करने और वहां तोड़फोड़ करने वालों को दंडित करेगी। वैसे तो मंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुछ कार्यकर्ताओं ने आर्ट फैकल्टी में छात्र संघ के कमरे में कथित तोड़फोड़ की। 

यादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन के दौरान कुलपति से बातचीत करने के तौर तरीके को लेकर केंद्रीय मंत्री की निंदा की और कहा कि उनके व्यवहार से विश्वविद्यालय की पूरी बिरादरी अपमानित हुई। मीडिया में ऐसी खबर है कि उनकी अगवानी नहीं करने और प्रदर्शनकारियों द्वारा धक्का मुक्की करने के दौरान पुलिस को नहीं बुलाने पर मंत्री ने कुलपति से रूखे स्वर में बातचीत की। अभिनेत्री अपर्णा सेन सहित पश्चिम बंगाल की प्रमुख हस्तियों ने यादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ केन्द्रीय मंत्री के व्यवहार और विद्यार्थियों के साथ उनके सुरक्षाकर्मियों के आचरण की निंदा की।

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