लाइव न्यूज़ :

आज अपना 100वां सैटेलाइट लॉन्च कर इतिहास रचेगा ISRO, जानें 15 खास बातें

By आदित्य द्विवेदी | Updated: January 12, 2018 00:11 IST

12 जनवरी को एक साथ 31 सैटेलाइट लॉन्च करेगा इसरो, उलटी गिनती शुरू।

Open in App

गुरुवार सुबह पांच बजकर 29 मिनट। इसरो के ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के 28 घंटे पहले ही उलटी गिनती शुरू हो गई। शुक्रवार सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर इसरो का खुद का बनाया 100वां सैटेलाइट उड़ान भरेगा। 12 जनवरी को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से सैटेलाइट कार्टोसेट-2 समेत 31 सैटेलाइट एक साथ लॉन्च किए जाएंगे। इनमें 3 स्वदेशी और 28 विदेशी सैटेलाइट हैं। इसरो के डायरेक्टर एम अन्नादुरै ने पत्रकारों से कहा, "जैसे ही मिशन का आखिरी सैटेलाइट पीएसएलवी-सी20 से अलग होकर अपने ऑर्बिट में जाएगा यह हमारा 100वां सैटेलाइट होगा। इसके साथ ही हमारा पहला शतक पूरा हो जाएगा। हम इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।" केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी 100वें सैटेलाइट लॉन्च को ऐतिहासिक करार दिया है।

मिशन में खासः 15 बिंदु

1. 12 जनवरी को इसरो खुद का बनाया 100वां सैटेलाइट लॉन्च करेगा। 

2. यह पीएसएलवी-सी40/ कार्टोसेट-2 श्रृंखला का सैटेलाइट है।

3. कार्टोसेट-2 एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है, जो उच्च-गुणवत्ता वाला चित्र प्रदान करने में सक्षम है।

4. इसका इस्तेमाल शहरी व ग्रामीण नियोजन, तटीय भूमि उपयोग, सड़क नेटवर्क की निगरानी आदि के लिए किया जा सकेगा।

5. युवा दिवस के मौके पर एक साथ 31 सैटेलाइट लॉन्च किए जाएंगे इनमें 28 विदेशी और 3 देसी हैं।

6. इस मिशन में कार्टोसेट-2 के अलावा भारत का एक नैनो उपग्रह और एक माइक्रो उपग्रह भी लॉन्च किया जाएगा।

7. सभी सैटेलाइट को लांच करने की व्यवस्था इसरो और उसकी व्यवसायिक शाखा अंतरिक्ष कारपोरेशन लिमिटेड ने संभाली है। 

8. इससे पहले इसरो ने एकसाथ 104 सैटेलाइट लॉन्च कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।

9. इस मिशन में पीएसएलवी-सी40 कुल 1323 किलोग्राम वजन के सैटेलाइट्स ले जाएगा।

10. इनमें कार्टोसेट-2 का वजन 710 किलो का है, बाकी 30 सैटेलाइट का वजन 613 किलोग्राम है।

11. पीएसएलवी-सी40/ कार्टोसेट-2 श्रृंखला के उपग्रह मिशन की उलटी गिनती 28 घंटे पहले ही शुरू हो गई थी।

12. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से इस 44.4 मीटर लंबे रॉकेट को प्रक्षेपित किया जाएगा।

-13. भारत के साथ कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, यूके और यूएसए के सैटेलाइट भी लॉन्च किए जाएंगे।

14. इसरो के अधिकारियों के मुताबिक 30 सैटेलाइट को 505 किलोमीटर की सूर्य की समकालीन कक्ष (एसएसओ) में प्रक्षेपित किया जाएगा। इस पूरे लांच में दो घंटे 21 सेकेंड का वक्त लगेगा। 

15. 31 अगस्त को इसरो का लॉन्चिंग मिशन फेल हो गया था।

टॅग्स :भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठनसाइंटिस्ट
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वNASA Internship Programs 2026: नासा का समर इंटर्नशिप इन दिन से शुरू, आप भी कर सकते हैं अप्लाई, जानें आवेदन की लास्ट डेट

भारतPSLV-C62 Mission: लॉन्च के बाद इसरो का रॉकेट कंट्रोल से बाहर, 16 अंतरिक्ष में खो गए सैटेलाइट

भारत2026 में मानवरहित गगनयान मिशन और निजी रॉकेट लांचर, अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रमुख बातें

भारतसतीश धवन अंतरिक्ष केंद्रः 2025 में एक और खुशी, ‘सॉलिड मोटर स्टैटिक टेस्ट फैसिलिटी’ के तीसरे चरण संस्करण का सफल परीक्षण

भारतश्रीहरिकोटा से ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण, एलवीएम3-एम6 ने अब तक के सबसे भारी पेलोड के साथ भरी उड़ान

भारत अधिक खबरें

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब