लाइव न्यूज़ :

CBI राफेल मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच करें नहीं तो फिर जाएंगे अदालत, प्रशांत भूषण, यश्वंत और अरुण शौरी ने की मांग

By शीलेष शर्मा | Updated: November 16, 2019 05:52 IST

प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने सर्वोच्च न्यायालय के पूरे फैसले का विस्तार से विवरण देते हुए यह साफ किया कि सीबीआई के पास एक साल से अधिक समय से शिकायत लंबित पड़ी हुई है जिसमें उससे मामले की जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी.

Open in App
ठळक मुद्देतीनों ने भरोसा जताया कि अनुच्छेद 17ए के तहत सरकार आवश्यक अनुमति इस मामले में जांच और एफआईआर दर्ज करने के लिए सीबीआई को देगी.सिन्हा, शौरी और भूषण ने सीबीआई के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला से  सर्वोच्च न्यायालय  के आदेश का पालन करने की भी गुहार लगाई. 

राफेल मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद जश्न माना रही भाजपा पर कांग्रेस सहित तमाम दूसरे संगठनों का हमला जारी है. सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने वाले प्रशांत भूषण, यश्वंत सिन्हा और अरुण शौरी ने इस मुद्दे को उठाते हुए मांग की कि केंद्रीय जांच ब्यूरो  सर्वोच्च न्यायालय  के फैसले की रोशनी में सात दिन के अंदर राफेल को लेकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करे और इसके लिए सरकार से आवश्यक अनुमति मांगे. 

भाजपा समर्थक रहे इन तीनों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने एफआईआर दर्ज करने की अनुमति नहीं दी तो एक बार फिर वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे. जाने माने अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील दी कि न्यायमूर्ती जोसेफ ने जांच एजेंसियों के लिए जांच का जो दरवाजा खोला है उसपर दो अन्य जजों ने चूंकी कोई आपत्ती नहीं उठाई है इसलिए इसे उनकी सहमति का फैसला माना जाएगा. उनका यह भी तर्क था कि इस फैसले के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दर्ज कर मामले की जांच शुरू करे. क्योंकि  सर्वोच्च न्यायालय     के फैसले से सीबीआई बंधी हुई है. 

प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने सर्वोच्च न्यायालय के पूरे फैसले का विस्तार से विवरण देते हुए यह साफ किया कि सीबीआई के पास एक साल से अधिक समय से शिकायत लंबित पड़ी हुई है जिसमें उससे मामले की जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी. इस फैसले के बाद उसकी जिम्मेदारी बन जाती है कि वह अब इसपर कार्रवाई करे. हमे भरोसा है कि जो तथ्य इस मामले में रखे गए हैं उनके बाद इस बात की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती कि सीबीआई पूर्व की भांति हाथ पर हाथ रखकर बैठी रहे.

 तीनों ने भरोसा जताया कि अनुच्छेद 17ए के तहत सरकार आवश्यक अनुमति इस मामले में जांच और एफआईआर दर्ज करने के लिए सीबीआई को देगी. सिन्हा, शौरी और भूषण ने सीबीआई के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला से  सर्वोच्च न्यायालय  के आदेश का पालन करने की भी गुहार लगाई. 

टॅग्स :राफेल सौदासीबीआईसुप्रीम कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

क्राइम अलर्ट3,50,000 रुपये दो काम हो जाएगा?, सीबीआई ने जंतर-मंतर स्थित एएसआई के उप-सर्किल में तैनात स्मारक परिचारक और संरक्षण सहायक को ऐसे धर दबोचा?

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतपूर्व सांसद विजय दर्डा और देवेंद्र दर्डा कोयला खदान आवंटन मामले में बरी

भारत अधिक खबरें

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है