लाइव न्यूज़ :

भारत, रूस और चीन ने 12 साल बाद की त्रिपक्षीय वार्ता, जानिए क्या हुई बातें

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: December 1, 2018 18:52 IST

तीनों देशों के बीच करीब 12 साल बाद यह दूसरी त्रिपक्षीय वार्ता है. मोदी ने कहा, ''आरआईसी (रूस, भारत और चीन) की शानदार त्रिपक्षीय बैठक हुई.

Open in App

भारत, चीन और रूस के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और विश्व व्यापार संगठन सहित अन्य बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार की मांग की है. तीनों देशों के नेताओं के बीच 12 साल के अंतराल के बाद शनिवार को यहां हुई त्रिपक्षीय बैठक में बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली, वैश्विक तरक्की और समृद्धि के लिए मुक्त वैश्विक अर्थव्यवस्था की तारीफ की गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर विचार विमर्श के लिए शुक्रवार को जी 20 सम्मेलन के इतर यहां त्रिपक्षीय वार्ता की.

तीनों देशों के बीच करीब 12 साल बाद यह दूसरी त्रिपक्षीय वार्ता है. मोदी ने कहा, ''आरआईसी (रूस, भारत और चीन) की शानदार त्रिपक्षीय बैठक हुई. राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और और मैंने कई ऐसे विषयों पर चर्चा की जो हमारे बीच मित्रता और विश्व में शांति को बढ़ाने में मददगार होगी.

रूस, भारत और चीन की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली त्रिपक्षीय बैठक की. प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर कहा कहा, ''विकास में महत्वपूर्ण भागीदारों के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता.

राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन, राष्ट्रपति जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्यूनस आयर्स में आरआईसी (रूस, भारत, चीन) त्रिपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि तीनों नेताओं ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर आपसी सहयोग और तीनों देशों के बीच आपसी बातचीत को बढ़ाने पर चर्चा की. बयान में बताया गया, '' विश्व को लाभ पहुंचाने वाले संयुक्त राष्ट्र, डब्ल्यूटीओ, नए वैश्विक वित्तीय संस्थानों सहित अन्य बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार और उन्हें मजबूत करने की जरूरत पर तीनों नेताओं ने सहमति जताई. उन्होंने बहुपक्षीय कारोबार प्रणाली और वैश्विक तरक्की और समृद्धि के लिए मुक्त वैश्विक अर्थव्यवस्था की तारीफ की.''

बयान में बताया गया, ''साझा रूप से अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय शांति के प्रचार के लिए नियमित तौर पर आपसी संपर्क बनाए रखने पर भी तीनों नेताओं में सहमति थी. साथ ही ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका), एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) और ईस्ट एशिया समिट (ईएएस) के जरिए आपसी सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने तथा सभी मतभेदों के शांतिपूर्ण तरीके से समाधान पर भी सहमति जताई गई है.''

आरआईसी की बैठक के बारे में मीडिया को बताते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि त्रिपक्षीय बैठक 'बेहद सकारात्मक' रही.

टॅग्स :नरेंद्र मोदीव्लादिमीर पुतिनजी जिनपिंग
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया