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अवैध विवाह भवन मामला: NGT ने दिल्ली सरकार की गारंटी रकम जब्त करने का दिया आदेश

By भाषा | Updated: July 11, 2019 17:29 IST

हरित अधिकरण ने इस बात का जिक्र किया कि स्वीमिंग पूल के लिए अवैध रूप से निकाले गए भूजल के लिए मुआवजे का आकलन किया गया नहीं दिखता है, बस यह बताया गया कि गैर लाइसेंसशुदा स्वीमिंग पूल बंद कर दिये गए हैं।

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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यहां अवैध विवाह भवन, फार्महाउस और होटलों पर दिल्ली सरकार की अनुपालन रिपोर्ट पर असंतोष प्रकट करते हुए उसके द्वारा जमा की गई पांच करोड़ रूपये की गारंटी रकम जब्त करने का निर्देश दिया है। महिपालपुर और रजोकरी में संचालित हो रहे अवैध विवाह भवनों तथा रेस्तराओं पर दिल्ली सरकार द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के व्यापक नहीं होने का जिक्र करते हुए अधिकरण ने कहा कि यह इस संदर्भ में उठाये गए मुद्दे का उपयुक्त समाधान नहीं करता है।

एनजीटी ने कहा कि ठोस कूड़ा प्रबंध नियम, 2016 और अपशिष्ट जल निकासी के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के सिलसिले में निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

साथ ही, कूड़ा प्रबंधन नियमों का अनुपालन करने के बारे में भी व्यापक रिपोर्ट नहीं दी गई। हरित अधिकरण ने इस बात का जिक्र किया कि स्वीमिंग पूल के लिए अवैध रूप से निकाले गए भूजल के लिए मुआवजे का आकलन किया गया नहीं दिखता है, बस यह बताया गया कि गैर लाइसेंसशुदा स्वीमिंग पूल बंद कर दिये गए हैं। एनजीटी ने यह भी जिक्र किया कि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने कोई रिपोर्ट दाखिल नहीं की है और सिर्फ संयुक्त सचिव अधिकरण के समक्ष पेश हुए।

दरअसल, मंत्रालय को इस मुद्दे पर एक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया था। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी कहा, ‘‘यह जगजाहिर है कि दिल्ली में अनेक मौतों के लिए वायु प्रदूषण जिम्मेदार है...जब तक समस्या का संतोषजनक हल नहीं हो जाता है, तब तक बड़ी तादाद में लोगों की भागीदारी वाले सामाजिक कार्यक्रमों के नियमन के लिए कठोरतम एहतियात बरते जाने की जरूरत है।’’

अधिकरण वेस्टेंड ग्रीन फार्म्स सोसायटी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इसमे आरोप लगाया गया था कि इन्दिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के निकट महिपालपुर और रजोकरी में चल रहे इन विवाह घरों की वजह से यातायात अवरूद्ध हो रहा है और प्रदूषण बढ़ रहा है। बहरहाल, मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर के लिए मुल्तवी कर दी गई। 

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