लाइव न्यूज़ :

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप डील पर रोक, Amazon के पक्ष में फैसला

By योगेश सोमकुंवर | Updated: August 6, 2021 12:45 IST

साल 2019 में अमेजन ने फ्यूचर ग्रुप को 1920 लाख डॉलर के बदले फ्यूचर ग्रुप की गिफ्ट वाउचर इकाई में 49 फीसदी हिस्सेदारी ली थी. जिसके बाद फ्यूचर ग्रुप के किशोर बियानी ने मुकेश अंबानी की रिलायंस के साथ विलय करार कर लिया था. अमेजन ने इस विलय करार पर आपत्ति जताई थी.

Open in App
ठळक मुद्देसिंगापुर के इमरजेंसी आर्बिट्रेटर ने अमेजन के पक्ष में सुनाया था फैसलादिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने भी लगाई थी डील पर रोक24,713 करोड़ की डील पर संकट के बादल

रिलायंस रिटेल के साथ किशोर बियानी के फ्यूचर रिटेल लिमिटेड में विलय के 24,713 करोड़ रुपए के सौदे के मामले में अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की बड़ी जीत हुई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस और फ्यूचर रिटेल की डील पर रोक लगाने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है. रिलायंस-फ्यूचर ग्रुप डील के खिलाफ अमेजन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है.

सिंगापुर के इमरजेंसी आर्बिट्रेटर ने अमेजन के पक्ष में सुनाया था फैसला

रिलायंस और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के बीच हुए करार को अमेजन ने पहले सिंगापुर स्थित इमरजेंसी आर्बिट्रेटर में चुनौती दी थी. इमरजेंसी आर्बिट्रेटर ने फ्यूचर ग्रुप को रिलायंस रिटेल के साथ 27,513 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगाने का निर्देश दिया था. अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सिंगापुर के इमरजेंसी आर्बिट्रेटर का फ्यूचर रिटेल लिमिटेड को रिलायंस रिटेल के साथ विलय करार को रोकने का फैसला ‘वैध' है और इसका क्रियान्वयन कराया जाना चाहिए. 

यह हैं पूरा मामला

साल 2019 में अमेजन ने फ्यूचर ग्रुप को 1920 लाख डॉलर के बदले फ्यूचर ग्रुप की गिफ्ट वाउचर इकाई में 49 फीसदी हिस्सेदारी ली थी. जिसके बाद फ्यूचर ग्रुप के किशोर बियानी ने मुकेश अंबानी की रिलायंस के साथ विलय करार कर लिया था. अमेजन ने इस विलय करार पर आपत्ति जताई थी. जिसके बाद से यह मामला सिंगापुर के इमरजेंसी आर्बिट्रेटर के पास पहुंचा. आर्बिट्रेटर ने अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाया था.

दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने भी लगाई थी डील पर रोक

इसके बाद यह केस दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा. हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने भी इमरजेंसी आर्बिट्रेटर के आदेश को भारत में लागू करने योग्य ठहराया था और फ्यूचर रिटेल डील पर रोक लगाने का निर्देश दिया था. सिंगल जज बेंच ने फ्यूचर डायरेक्टर किशोर बियानी की संपत्ति कुर्क करने का भी निर्देश दिया था. बाद में दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सिंगल जज बेंच के आदेश पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.

टॅग्स :मुकेश अंबानीसुप्रीम कोर्टरिलायंस
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतहिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?, वादी के पिता ने सीजेआई के भाई को फोन किया, नाराज न्यायाधीश ने कहा- क्या वह मुझे आदेश देंगे?

क्राइम अलर्टगुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से बलात्कार?, उच्चतम न्यायालय ने कहा- आयुक्त से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक नाकाम?, कानून का जरा भी सम्मान तो तबादला करो

भारतकानून की भावना का भी ध्यान रखना जरूरी

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?