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Coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण भारत में कितनी तैजी से फैल सकता है? सरकार ने लगाया गणित और ये है जवाब

By विनीत कुमार | Updated: March 24, 2020 15:43 IST

पिछले माह की एक रिपोर्ट के अनुसार फरवरी से हुई शुरुआत को लेकर 200 दिन के बाद कोरोना संक्रमण अपने चरम पर हो सकता है।

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ठळक मुद्दे हालात खराब हुए तो दिल्ली में संक्रमण की ये संख्या 1 करोड़ तक पहुंचना संभवअगर स्थिति बहुत अच्छी रही तो भी दिल्ली में इसके 15 लाख मामले हो सकते हैं

देश में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ सकता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि काफी कोशिश की जाए तो भारत में कोविड-19 को तेजी से फैलने को रोका जा सकता है लेकिन बहुत बड़ी आशा करने जैसा कुछ है।

रिपोर्ट के मुताबिक अगर स्थिति बहुत अच्छी रही तो भी दिल्ली में इसके 15 लाख मामले हो सकते हैं। वहीं, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में 5-5 लाख लोग इससे संक्रमण के शिकार हो सकते हैं। 27 फरवरी को आई रिपोर्ट में कहा गया था कि फरवरी से हुई शुरुआत को लेकर 200 दिन के बाद ये अपने चरम पर होगा। 

वहीं, अगर हालात खराब हुए तो दिल्ली में संक्रमण की ये संख्या 1 करोड़ और मुंबई में 40 लाख तक हो सकती है। ये तब फरवरी से केवल 50 दिनों में अपने चरम पर पहुंच जाएगा। 

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने कहा, आपको याद रखना होगा कि ये पूरी तरह से गणित पर आधारित है, जिसे एक महीने पहले किया किया था।

ये रिपोर्ट ज्यादातर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर ध्यान केंद्रित करती है। ऐसा इसलिए भी ये शहर विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए सबसे बड़े हब हैं और वायरस भी शुरू में यात्रियों के ही जरिए फैला।

सरकार कह रही है कि उसने  एयरपोर्ट में 1.5 लाख लोगों की स्क्रिनिंग एयरपोर्ट पर की। हालांकि, इस रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाली बात है। इस रिपोर्ट में एक अध्ययन का जिक्र करते हुए बताया गया है कि तकरीबन 46 प्रतिशत संक्रमित यात्रियों की एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रिनिंग से पहचान ही नहीं की जा सकती है। एक और स्टडी भी बताती है कि आधे संक्रमति यात्रियों की शुरुआत में पहचान करना मुश्किल है।

सरकार ने एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रिनिंग फरवरी में नहीं बल्कि इसी महीने की शुरुआत में शुरू की थी।इसलिए जब इन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को प्रसार के सबसे संभावित कारणों के रूप में देखा जा रहा है तब भी रिपोर्ट बताती है कि 'हवाई अड्डों पर संक्रमित मामलों की पहचान करने के लिए कोई फास्ट-टेस्ट किट उपलब्ध नहीं है।'

घरेलू उड़ानों पर प्रतिबंध आज इस रिपोर्ट और इस तथ्य की पृष्ठभूमि में आया है। ये भी साफ है कि अब तक अधिकांश मामले हवाई यात्रियों से जुड़ें या फिर उनके जो उनसे संपर्क में रहे। सरकार का अभी यही कहना है कि कोरोना के फैलाव का तीसरा चरण यानी सामुदायिक ट्रांशमिशन अभी भारत में शुरू नहीं हुआ है।

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