लाइव न्यूज़ :

Himachal Pradesh Assembly Election 2022: कांग्रेस को बड़ा झटका, आनंद शर्मा ने हिमाचल प्रदेश संचालन समिति के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

By सतीश कुमार सिंह | Updated: August 21, 2022 14:43 IST

Himachal Pradesh Assembly Election 2022: कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए संचालन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

Open in App
ठळक मुद्देआनंद शर्मा ने आश्वासन दिया है कि कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार में भाग लेंगे।आनंद शर्मा को राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने के बाद दोबारा उच्च सदन में नहीं भेजा गया था। आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के 'जी 23' समूह के प्रमुख सदस्य हैं।

नई दिल्लीः कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई की संचालन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। आनंद शर्मा ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि उनके स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। 

आनंद शर्मा को राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने के बाद दोबारा उच्च सदन में नहीं भेजा गया था। आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के 'जी 23' समूह के प्रमुख सदस्य हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को केंद्र शासित प्रदेश में पार्टी की प्रचार समिति का प्रमुख नियुक्त किया, लेकिन आजाद ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने पार्टी की राज्य इकाई की संचालन समिति के अध्यक्ष पद से रविवार को इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम को कांग्रेस के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, समझा जा रहा है कि शर्मा ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि उनके स्वाभिमान के साथ ‘समझौता नहीं किया जा सकता’ और उन्होंने पार्टी की हिमाचल इकाई की संचालन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

शर्मा से पहले जी23 समूह के एक अन्य नेता गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे चुके हैं। शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष से कहा है कि परामर्श प्रक्रिया में उनकी अनदेखी की गई है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वह राज्य में पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करना जारी रखेंगे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता शर्मा को 26 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश में पार्टी की संचालन समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। आजाद और शर्मा, दोनों ही जी23 समूह के प्रमुख नेता हैं, जो पार्टी नेतृत्व के फैसलों की आलोचना करने से नहीं चूके हैं।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मनीष तिवारी सहित कई अन्य दिग्गज नेताओं वाला यह समूह ब्लॉक से लेकर केंद्रीय कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) स्तर तक सही तरीके से चुनाव कराने पर जोर दे रहा है। हिमाचल प्रदेश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शुमार शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने पत्र में कथित तौर पर कहा है कि उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंची है।

, क्योंकि उनसे पार्टी की किसी भी बैठक के लिए परामर्श नहीं किया गया और न ही उन्हें उनमें आमंत्रित किया गया। शर्मा ने पहली बार 1982 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। वह तभी से राज्यसभा सदस्य हैं और पार्टी में कई प्रमुख पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

टॅग्स :कांग्रेसहिमाचल प्रदेशBJPसोनिया गाँधीगुलाम नबी आजाद
Open in App

संबंधित खबरें

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारततमिलनाडु विधानसभा चुनावः अवनाशी से केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन, मायलापुर से तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन और कोयंबटूर उत्तर से वानती श्रीनिवासन को टिकट

भारत अधिक खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर