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Hathras Stampede Accident LIVE: बिखरे शव!, आंसू पोंछ एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे लोग, ट्रक में छह शवों के बीच बैठी रो रही थी महिला, देखें कई भयावह वीडियो

By सतीश कुमार सिंह | Updated: July 3, 2024 11:40 IST

Hathras Stampede Accident LIVE:  मैनपुरी के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि हमें परिसर के अंदर बाबा नहीं मिले... वे यहां नहीं हैं।

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ठळक मुद्देHathras Stampede Accident LIVE: 'भोले बाबा' की तलाश में तलाशी अभियान चल रहा है। Hathras Stampede Accident LIVE: प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी। Hathras Stampede Accident LIVE:  कीचड़ और फिसलन भरी होने से भगदड़ मची।

Hathras Stampede Accident LIVE: उत्तर प्रदेश के हाथरस में भयावह हादसा हो गया है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस पुलिस लाइन में हालात का जायजा लिया। सत्संग के दौरान भगदड़ की घटना में 121 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है और 28 लोग घायल हैं। घटनास्थल पर फॉरेंसिक यूनिट और डॉग स्क्वायड मौजूद हैं। मैनपुरी जिले के राम कुटीर चैरिटेबल ट्रस्ट से है। हाथरस में सत्संग करने वाले 'भोले बाबा' की तलाश में तलाशी अभियान चल रहा है। चारों ओर बिखरे शव और चित्कार रहे परिजन। आखिर 121 मौत का जिम्मेदार कौन।

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में आयोजित एक सत्संग में मंगलवार को प्रवचनकर्ता भोले बाबा के दर्शन के लिए अनुयायियों में होड़ लग जाने और वहां की जमीन कीचड़ और फिसलन भरी होने से भगदड़ मची। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी।

हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में आयोजित एक सत्संग में मंगलवार को भगदड़ मच गयी, जिसमें 121 लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। हाथरस जिले में स्वास्थ्य केंद्र में शव बिखरे पड़े थे, जबकि लोग उनके चारों ओर इकट्ठा होकर आंसू पोंछ रहे थे।

एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे थे। जिले के सिकंदराराऊ ट्रॉमा सेंटर के बाहर दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला, जहां पुलराई गांव में 'सत्संग' में हुई भगदड़ में मृत या बेहोश पीड़ितों को एंबुलेंस, ट्रक और कारों में लाया गया था। एक महिला ट्रक में पांच या छह शवों के बीच बैठी रो रही थी और लोगों से अपनी बेटी के शव को वाहन से बाहर निकालने में मदद करने का आग्रह कर रही थी।

एक वीडियो क्लिप में एक पुरुष और एक महिला को दूसरे वाहन में बेजान पड़े हुए दिखाया गया। कई घायलों को स्थानीय सरकारी अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास चिंतित रिश्तेदारों से घिरे हुए देखा गया। स्थानीय लोगों ने इस त्रासदी के लिए प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। जैसे-जैसे दिन बीतता गया, मृतकों की आधिकारिक संख्या बढ़ती गई और ट्रॉमा सेंटर तथा शवगृह के बाहर भीड़ बढ़ती गई।

देर शाम अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने मृतकों की संख्या 116 बताई। इस हादसे में कई अन्य घायल हुए। अस्पताल के बाहर एक आक्रोशित युवक ने कहा, ‘‘लगभग 100-200 लोग हताहत हुए हैं और अस्पताल में केवल एक डॉक्टर था। ऑक्सीजन की कोई सुविधा नहीं थी। कुछ लोग अभी भी सांस ले रहे हैं, लेकिन उचित उपचार सुविधाएं नहीं हैं।’’

सत्संग में शामिल होने के लिये अपने परिवार के साथ जयपुर से आयी एक महिला ने एटा में पोस्टमार्टम हाऊस के बाहर बताया कि सत्संग के समापन के बाद लोग एकदम से बाहर निकलने लगे, जिससे भगदड़ मच गयी। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ‘‘हम सद्भावना कार्यक्रम समाप्त होने से पहले ही वहां से चले गए थे। कार्यक्रम पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे शुरू हुआ था। धक्का-मुक्की के कारण यह घटना हुई।

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार वहां की व्यवस्थाएं कम थीं।" प्रत्यक्षदर्शी सोनू कुमार ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, ‘‘पानी की टंकियों और बारिश के पानी ने आस-पास की नालियों को भर दिया था, जिससे सतह फिसलन भरी हो गई थी।'' सोनू ने बताया कि ''जब गुरु जी लगभग डेढ़ घंटे बाद वहां से निकले, तो भक्त अचानक उनके पीछे उनके पैर छूने के लिए दौड़े।

जैसे ही उनकी कार वहां से निकली, भक्तों को जमीन पर झुकते देखा जा सकता था।’’ सोनू कुमार ने बताया कि, ‘‘इसके बाद जब लोग वापस लौटे तो अचानक फिसलन भरी जमीन के कारण वे एक-दूसरे पर गिर पड़े।’’ उन्होंने बताया कि वहां कम से कम 10,000 लोगों की भीड़ थी। एटा के पोस्टमार्टम हाउस पर आए एक वृद्ध कैलाश ने बताया कि आज ‘साकार विश्व हरि भोले बाबा’ के सत्संग में बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल हुए और आरती के बाद वापस आते समय रास्ते में कीचड़ था, कुछ लोग वहां गिर गए और भगदड़ मच गई।

उन्होंने कहा कि लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए और इसी बीच पीछे से आ रही भीड़ गिरे हुए लोगों को कुचलते हुए आगे आगे बढ़ गयी जिसमें बडी संख्या में लोगों की मौत हो गई और भारी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। सिकंदराराऊ के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) रवेंद्र कुमार के अनुसार, भगदड़ तब हुई जब श्रद्धालु सत्संग के अंत में प्रवचनकर्ता भोले बाबा की एक झलक पाने की कोशिश कर रहे थे।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वे बाबा के पैरों के आसपास की मिट्टी इकट्ठा करना चाहते थे। सिकंदराराऊ थाने के प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार ने हादसे के लिए प्रवचनकर्ता भोले बाबा के सत्संग में भीड़भाड़ को जिम्मेदार ठहराया। आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अनुपम कुलश्रेष्ठ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "प्रवचन चल रहा था, जिसमें ज्यादातर महिलाएं प्रवचन सुनने गई थीं।

जब प्रवचन समाप्त हुआ, तो अचानक भीड़ लग गई, महिलाओं को घुटन महसूस हुई, उसके बाद इस घटना के बारे में पता चला।’’ एडीजी ने कहा “यह बहुत ही दर्दनाक हादसा है, हमारी प्राथमिकता उन लोगों को उपचार उपलब्ध कराना है जो घायल हुए हैं, और हम मृतक श्रद्धालुओं की औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा “हम सभी मृतकों की पहचान कर रहे हैं और उनकी तस्वीरें ले रहे हैं, ताकि हम उनके शवों को उनके परिवारों को सौंप सकें।" उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम की अनुमति एसडीएम ने दी थी और वहां उचित पुलिस व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि करीब 40 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

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