लखनऊ: कांशीराम जयंती से ठीक पहले राहुल गांधी शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर आयोजित बहुजन संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे. सामाजिक परिवर्तन दिवस के रूप में लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मान्यवर कांशीराम के योगदान को लेकर विस्तार से अपने विचार रखे. इसी क्रम में उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू जिंदा होते तो कांशीराम उत्तर प्रदेश के चीफ मिनिस्टर (मुख्यमंत्री) होते. राहुल गांधी ने संविधान की प्रति को दिखाते हुए कहा देश के संविधान में सावरकर और गोडसे की आवाज नहीं बल्कि इसमें हिंदुस्तान की हजारों साल की आवाज है. इसमें अंबेडकर, गांधी और गौतम बुद्ध की आवाज है. उन्होंने यह भी कहा कि अंबेडकर और कांशीराम कभी कंप्रोमाइज नहीं हुए.अगर कांशीराम कंप्रोमाइज हुए होते तो उनकी फोटो यहां नहीं लगती.
कांग्रेस गरीब पार्टी
यह दावा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस विचारधारा की पार्टी है. इसे भाजपा वाले हरा नहीं सकते. अगर ये गांधी जी, अंबेडकर जी, ज्योतिबा फुले की पटरी में चलेगी तो इसे कोई हरा नहीं सकता. अगर कमी है तो हमने है. अब हमने मन बना लिया है. जाति जनगणना होगी, गरीब, पिछड़ों, आदिवासियों को हिंदुस्तान के पावर सेंटर में जगह मिलेगी. ये (भाजपा नेता) कुछ भी कहें मैं इसे छोड़ने वाला नहीं हूँ. अब मामला आसान हो गया है, इनका आदमी (पीएम मोदी) कंप्रोमाइज हो गया है. हमने उन्हें पकड़ लिया है, अब साइकोलाजिकली नरेंद्र मोदी खत्म हैं. राजनीति में मन की हार पहले होती है, फिर तो उनकी हार होनी ही होनी है. यह अमीर पार्टी अब होनी को टाल नहीं पाएगी.
यह दावा करने के साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस गरीब पार्टी है, लेकिन कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता अमीर हैं. हम अमीर पार्टी होना नहीं चाहते. ये कांग्रेस का डिजाइन गांधी जी के टाइम से है, जिस दिन कांग्रेस अमीर पार्टी बन जाएगी भाजपा बन जाएगी. चुनाव के समय पार्टी के सारे एकाउंट फ्रीज़ कर दिए गए लेकिन कांग्रेस पर रुकावट नहीं आई, कांग्रेस चलती रही. कांग्रेस के कार्यकर्ता और दलित भाई, आदिवासी, पिछड़े वर्ग के भाइयों ने जो प्रेशर बनाया उसने नरेंद्र मोदी को रोक दिया, खत्म कर दिया. इस कार्यक्रम में राहुल गांधी, अंबेडकर, गांधी और कांशीराम पर तो खूब बोले लेकिन उन्होंने एक बार भी मायावती का जिक्र नहीं किया. लेकिन यह जरूर कहा कि कांग्रेस में कमियां थीं, इसलिए कांशीराम सफल हुए. कांग्रेस अगर अपना काम करती तो कांशीराम सफल नहीं हो पाते.
एनर्जी सिक्योरिटी कंप्रोमाइज हुई राहुल गांधी ने अपने संबोधन में रसोई गैस की किल्लत का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हमारी एनर्जी सिक्योरिटी कंप्रोमाइज कर दी गई है. कल मैं संसद में एपस्टीन शब्द बोल तो स्पीकर साहब ने कहा नहीं, नहीं. मैं कहा देखिए यह मामला एनर्जी सिक्योरिटी का है. देश में गैस सिलेंडर मिल नहीं रहा है. हमारी एनर्जी सिक्योरिटी कंप्रोमाइज कर दी गई है. अमेरिका कहेगा कि रूस से तेल खरीद सकती हैं तब हम तेल खरीदेंगे. मतलब एनर्जी सिक्योरिटी कंप्रोमाइज हुई. दलित समाज के लोगों को सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में नौकरी न मिलने का मुददा भी फिर राहुल गांधी ने उठाया और कह आप एक भी प्राइवेट कंपनी के प्रोफाइल उठाकर देख ले कसी में भी बड़े पदों पर कोई डाइट नहीं मिलेगा. अब तो मनरेगा में रोजगार मुहैया करवाने वालो की लिस्ट में दलितों के नाम नहीं दिखेंगे.
यहीं नहीं आज किसी भी बड़े हॉस्पिटल में आपको एक दलित, पिछड़ा या आदिवासी डॉक्टर नहीं मिलेगा. जबकि संविधान जितनी आबादी उतनी भागीदारी की बात कहता है. आप लोग आरएसएस के संगठन की लिस्ट निकालें, जो सीनियर लोग हैं उनकी लिस्ट में आपको एक ओबीसी, दलित, आदिवासी नहीं मिलेगा. एक तरफ 85% बैठे हैं, उनको कहा जा रहा है कि ये देश आपका नहीं है. कहने के लिए हम कह देंगे कि आप हिंदुस्तानी हो लेकिन जब धन बांटने की बात आएगी या देश चलाने या पावर की बात आएगी तो आप हिंदुस्तानी नहीं हो. आप कुछ और हो. ये संविधान के बिल्कुल खिलाफ है.