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केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा- अगर सात नवम्बर तक किसी भी पार्टी ने नहीं किया दावा पेश तो दलों से मशविरा शुरू करेंगे राज्यपाल

By भाषा | Updated: November 3, 2019 18:17 IST

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ठळक मुद्देरामदास अठावले ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र में यदि किसी भी पार्टी ने सात नवम्बर तक सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया तो राज्य के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी राजनीतिक दलों के साथ सलाह मशविरा शुरू करेंगे।अठावले ने कहा कि राज्यपाल ने उनके नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल को शनिवार शाम को बताया कि वह किसी पार्टी या पार्टियों द्वारा राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए दावा पेश किये जाने का इंतजार कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री एवं आरपीआई (ए) प्रमुख रामदास अठावले ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र में यदि किसी भी पार्टी ने सात नवम्बर तक सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया तो राज्य के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी राजनीतिक दलों के साथ सलाह मशविरा शुरू करेंगे। अठावले ने कहा कि राज्यपाल ने उनके नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल को शनिवार शाम को बताया कि वह किसी पार्टी या पार्टियों द्वारा राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए दावा पेश किये जाने का इंतजार कर रहे हैं।

महाराष्ट्र की वर्तमान 13वीं विधानसभा का कार्यकाल नौ नवम्बर को समाप्त हो रहा है। 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हाल में हुए चुनाव में भाजपा ने 105 सीटें और उसकी सहयोगी शिवसेना ने 56 सीटें जीती थीं। यद्यपि दोनों पार्टियों में मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है और दोनों ने सरकार गठन को लेकर अभी तक कोई बातचीत नहीं की है।

अठावले ने कहा, ‘‘राज्यपाल सात नवम्बर तक इंतजार करेंगे और देखेंगे कि कोई दावा पेश करे, इसके बाद वह राज्य में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक दलों के साथ सलाह मशविरा शुरू करेंगे।’’ केंद्रीय मंत्री ने शनिवार को भाजपा के अन्य सहयोगी दलों के साथ राज्यपाल से मुलाकात की थी और उनसे भाजपा को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का अनुरोध किया था।

अठावले के साथ राज्य के मंत्री एवं आरपीआई(ए) नेता अविनाश महातेकर, स्वाभिमान पक्ष के सदाभाऊ खोट और राष्ट्रीय समाज पक्ष के महादेव जानकार भी थे। अठावले और अन्य गठबंधन साझेदारों ने राज्यपाल को बताया कि भाजपा के पास अपने 105 और कुछ निर्दलीय विधायकों को मिलाकर कुल 120 विधायकों का समर्थन है।

भाजपा और शिवसेना के बीच अगली सरकार में सत्ता बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही हे। मुख्य मुद्दा शिवसेना की भाजपा के साथ बारी बारी के आधार पर मुख्यमंत्री पद की मांग और मंत्रालय के आवंटन के लिए 50:50 के फार्मूले का पालन करना शामिल है। भाजपा ने इन दोनों ही मांगों को खारिज कर दिया है।

भाजपा 21 अक्टूबर को हुए राज्य विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। हालांकि इस विधानसभा चुनाव में भाजपा को जो सीटें मिली हैं वह 2014 के चुनाव से कम है। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा (105 सीट), शिवसेना (56 सीट) के अलावा विपक्षी राकांपा और कांग्रेस को क्रमश: 54 और 44 सीटें मिली थीं। 

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