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पिछले करीब 5 साल में बैंक फ्रॉड के 38 आरोपी भारत से बाहर भागने में रहे कामयाब, सरकार ने संसद में दी जानकारी

By विनीत कुमार | Updated: September 15, 2020 11:35 IST

सरकार की ओर से संसद में जानकारी दी गई है पिछले पांच सालों में 38 ऐसे आरोपी देश से बाहर भागने में कामयाब रहे हैं जिन पर बैंक से लोन लेकर उसे नहीं चुकाने का आरोप है। इसमें विजय माल्य और नीरव मोदी जैसे नाम शामिल हैं।

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ठळक मुद्देजनवरी, 2015 से दिसंबर 2019 के बीच 38 आरोपी देश से बाहर भागने में कामयाब हुएजनवरी 2019 और दिसंबर 2019 के बीच, 11 आर्थिक अपराधी देश से भागे, सरकार ने संसद में कहा

पिछले करीब पांच सालों में (1 जनवरी, 2015 से 31 दिसंबर 2019) आर्थिक अपराध कर 38 आरोपी देश से बाहर भागने में कामयाब हुए हैं। इन सभी पर बैंक से लोन लेने और फिर राशि को नहीं चुकाने के आरोप हैं। सरकार ने सोमवार को एक सवाल के जवाब में ये जानकारी दी। इन भगौड़ों में विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे नाम भी शामिल हैं।

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक सवाल के जवाब में बताया कि सरकार की सभी पर नजर बनी हुई है। दरअसल, सरकार से सवाल पूछा गया था कि क्या केंद्र के पास उन व्यापारियों सहित कोई डेटा है जो पिछले 5 वर्षों के दौरान धोखे से ऋण प्राप्त करने के बाद दूसरे देशों में चले गए हैं।

ठाकुर ने कहा, 'CBI ने यह सूचित किया है कि बैंकों के साथ वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित दर्ज मामलों में 38 लोग 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर, 2019 के दौरान देश से बाहर भाग गए।'

ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है।

साथ ही उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने पहले यह बताया था कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत, 20 आर्थिक अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस के लिए आवेदन दायर किए गए थे और 14 देशों में प्रत्यर्पण के अनुरोध भी भेजे गए हैं।

ठाकुर के अनुसार आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत 11 व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही जारी है। सरकारी आंकड़ों से ये भी संकेत मिलते हैं कि जनवरी 2019 और दिसंबर 2019 के बीच, 11 आर्थिक अपराधी देश से भागने में कामयाब रहे। जबकि जनवरी 2019 तक 27 आरोपी बाहर निकलने में कामयाब रहे थे। 

वित्त मंत्रालय ने सदन को ये भी बताया कि एजेंसियों द्वारा शुरू की गई कार्रवाई के साथ अब व्यवसायियों और व्यक्तियों को धोखे से ऋण प्राप्त करने और फिर देश से भागने से रोकने के लिए नीतिगत उपायों को भी लागू किया गया है।

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