लाइव न्यूज़ :

वित्तमंत्री जेटली ने कहा, कर्ज और नकदी संकट से जुड़े मुद्दों को उठाना RBI की स्वायत्तता में दखल देना नहीं

By भाषा | Updated: December 14, 2018 22:00 IST

जेटली ने कहा कि सरकार रिजर्व बैंक की स्वायत्ता का सम्मान करती है। जेटली की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जबकि आरबीआई के नये गवर्नर शक्तिकांत दास ने इससे पहले केंद्रीय बैंक के संचालन ढांचे की और जांच-परख की बात कही है। 

Open in App

देश के वित्तमंत्री अरूण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि एक चुनी हुई सरकार द्वारा कर्ज और नकदी संकट से जुड़े मुद्दों को उठाना केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता में दखल देना नहीं हो सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में केंद्रीय बैंक के साथ चीजें ठीक हो जायेंगी। 

जेटली ने कहा कि सरकार रिजर्व बैंक की स्वायत्ता का सम्मान करती है। जेटली की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है जबकि आरबीआई के नये गवर्नर शक्तिकांत दास ने इससे पहले केंद्रीय बैंक के संचालन ढांचे की और जांच-परख की बात कही है। 

वित्त मंत्री ने उद्योग मंडल फिक्की की सालाना आम बैठक में कहा, "सरकार वास्तव में, केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता का सम्मान करती है। हम सम्मान करते हैं इसीलिये हमनें उन्हें बताया कि बाजारों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।" 

उन्होंने कहा कि आरबीआई के सामने समस्याओं को उठाया गया क्योंकि ये मुद्दे उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। जेटली ने कहा, "मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि यदि एक निर्वाचित संप्रभु सरकार कर्ज और नकदी समस्या से जुड़े मुद्दों को उठाती है तो यह किस प्रकार से स्वायत्तता का अतिक्रमण हो सकता है।" उन्होंने कहा कि यदि बाजार में पूंजी की कमी है तो संबंधित प्राधिकरण को इस बारे में बताना पड़ेगा।

उर्जित पटेल के आरबीआई गवर्नर के पद से सोमवार को अचानक इस्तीफा देने के बाद सरकार ने बुधवार को शक्तिकांत दास को नया गवर्नर नियुक्त किया है। रिजर्व बैंक के आरक्षित कोष में कुछ हिस्सा सरकार को देने और कर्ज नियमों को सरल बनाने के मुद्दे पर सरकार और रिजर्व बैंक के बीच मतभेद बढ़ गये थे। 

जेटली ने कहा कि सिर्फ सरकार ने ही नहीं बल्कि फिक्की जैसे उद्योग मंडल भी बाजार की चुनौतियों को लेकर आरबीआई के पास गये थे। उन्होंने कहा, "हमें वर्तमान वैश्विक स्थिति में घरेलू स्तर पर एक और चुनौती (कर्ज और नकदी) की आवश्यकता नहीं है, जो कि आर्थिक वृद्धि के मार्ग में अवरोध उत्पन्न करती है।" 

जेटली ने कहा, "सशक्त प्राधिकरण के साथ संवाद स्थापित करना और उनके ध्यान में चीजें लाना उन तरीकों का हिस्सा है जिसमें आर्थिक प्रणाली काम करती है।" 

उन्होंने कहा कि स्वायत्तता, अलगाव का समानार्थी नहीं है। और पूरी बहस की यही वजह है कि संबंधित संस्थान के सामने इन मुद्दों को उठाया क्योंकि यही इन चुनौतियों को दूर करने की जगह है, इससे पीछे नहीं हटा जा सकता, यह आवश्यक है। जेटली ने कहा, मुझे उम्मीद है कि भविष्य में चीजें ठीक से काम करेंगी।

टॅग्स :अरुण जेटलीभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई)
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारBank Holiday Today: घर से निकलने से पहले चेक कर लें बैंक हॉलिडे लिस्ट, बस एक क्लिक से जानें आज बैंक बंद या खुले?

कारोबारBank Holiday Today: 1 अप्रैल को बैंक जाने की गलती न करें, बंद रहेंगे पब्लिक विंडो; जानें क्या है कारण

कारोबारRBI के हस्तक्षेप के बावजूद, रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 के पार पहुंचा

कारोबारBank Holidays in April 2026: अप्रैल 2026 में छुट्टियों की भरमार, समय पर निपटा लें अपने जरूरी काम

कारोबारBank Holidays Next Week: नवरात्रि, गुड़ी पड़वा के लिए अगले हफ्ते कई दिन बंद रहेंगे बैंक, पढ़ें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?