लाइव न्यूज़ :

अनुच्छेद 370ः भारत से उच्चायुक्त को वापस बुलाने पर विचार कर रही पाकिस्तान सरकारः मीडिया

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 6, 2019 17:14 IST

अनुच्छेद 370 को खत्म करने के गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव को लेकर पाकिस्तान में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। कराची में निकाले गये जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। उन्होंने हाथों में तख्तियां पकड़ भारत विरोधी नारे लगाये।

Open in App
ठळक मुद्देगृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव को लेकर पाकिस्तान में विऱोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इस बीच पाकिस्तान मीडिया में चर्चा है कि पाकिस्तान सरकार भारत से अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाने पर विचार कर रही है।

अनुच्छेद 370 पर देश ही नहीं विदेश में हंगामा जारी है। गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव को लेकर पाकिस्तान में विऱोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इस बीच पाकिस्तान मीडिया में चर्चा है कि पाकिस्तान सरकार भारत से अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाने पर विचार कर रही है।

अनुच्छेद 370 को खत्म करने के गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव को लेकर पाकिस्तान में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। कराची में निकाले गये जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। उन्होंने हाथों में तख्तियां पकड़ भारत विरोधी नारे लगाये।

सरकार ने पूरा किया वादा : न्यूयॉर्क टाइम्स

कई वर्षों से कश्मीर में प्रशासन भारत के अन्य हिस्सों से अलग तरह से चलाया जा रहा था। सरकार के इस फैसले को बड़े स्तर पर कश्मीर की स्वायत्तता पर चोट के तौर पर देखा जायेगा। भाजपा सरकार ने चुनाव प्रचार के दौरान कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने का वादा किया था, जो कि प्रमुख रूप से मुस्लिम बाहुल्य है।

मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने संघ परिवार के उस वाक्य को पूरा किया, जिसमें  वह हमेशा से ही जम्मू-कश्मीर के भारत का अभिन्न हिस्सा होने की बात कहता  रहा है। कश्मीरी भारत की हिंदू राष्ट्रवादी सरकार के इस फैसले को मुस्लिम बाहुल्य कश्मीर में हिंदू जनसंख्या को बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।

भाजपा हमेशा से ही कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाने की बात कहती रही है, पर यह पहली बार है कि कोई मजबूत प्रस्ताव पटल पर रखा गया है। यह घोषणा पीएम के तौर पर नरेंद्र मोदी की विरासत को बयां करेगी।

भाजपा ने कश्मीर में पीडीपी से गठबंधन खत्म कर मजबूत हुई, तभी राज्य में राज्यपाल शासन लागू हुआ और शासन सीधे केंद्र के हाथों में चला गया। लिहाजा, केंद्र को बिना स्थानीय राजनीतिज्ञों की मदद से अनुच्छेद 370 को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिला।

टॅग्स :धारा ३७०मोदी सरकारपाकिस्तान
Open in App

संबंधित खबरें

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

ज़रा हटकेपाकिस्तान की 80% आबादी समलैंगिक और 20% उभयलिंगी?, ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हिना बलोच का बयान, वायरल वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे