लाइव न्यूज़ :

CAA Protest: व्हाट्सएप्प और फेसबुक से दिल्ली हिंसा के गुनहगारों की पहचान मांग रही है सरकार

By संतोष ठाकुर | Updated: December 23, 2019 03:05 IST

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि हमारी सोशल मीडिया ट्रैकिंग टीम भी ऐसे व्हाट्सएप्प और फेसबुक अकाउंट और ग्रुप की पहचान कर रही है जिसके माध्यम से भावना भड़काने का कार्य किया गया है.

Open in App
ठळक मुद्देसंबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाने की कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी.सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय हमेशा ही सुरक्षा एजेंसियों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश या सलाह के बाद सोशल मीडिया कंपनियों से कोई डाटा मांगता है.

दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे विरोध आंदोलन को भड़काने वालों की पहचान के लिए सरकार ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की सलाह के बाद सभी सोशल मीडिया कंपनियों से हिंसा वाले दिन के सबसे अधिक प्रसारित भड़काऊ संदेशों को लेकर जानकारी मांगने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.

इन कंपनियों को कहा जा रहा है कि वे दिल्ली के हिंसा वाले दिन उन संबंधित इलाकों में सबसे अधिक प्रसारित संदेश की जानकारी देने के साथ ही यह भी बताएं कि उनकी शुरुआत कहां से हुई थी. एक अधिकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय हमेशा ही सुरक्षा एजेंसियों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश या सलाह के बाद सोशल मीडिया कंपनियों से कोई डाटा मांगता है.

दिल्ली में जिस तरह से हिंसा भड़का और लोग जगह-जगह एकत्रित हुए उससे साफ है कि उनके बीच संवाद के लिए सोशल मीडिया का उपयोग किया गया है. इस आशंका के मददेनजर सुरक्षा एजेंसियों ने हमसे अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया कंपनियों से हिंसा वाले दिन उपद्रवग्रस्त इलाकों के सबसे अधिक प्रसारित संदेशों की जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करें. जिसके लिए हम कदम उठा रहे हैं.

इधर, दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि हमारी सोशल मीडिया ट्रैकिंग टीम भी ऐसे व्हाट्सएप्प और फेसबुक अकाउंट और ग्रुप की पहचान कर रही है जिसके माध्यम से भावना भड़काने का कार्य किया गया है. हमने कुछ ऐसे ग्रुप की पहचान की है और संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाने की कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी.

19 दिसंबर दिल्ली के कुछ इलाकों में को इंटरनेट बंद किए जाने पर एयरटेल के प्रमुख सुनील भारती मित्तल ने कहा है कि कानूनी रूप से सरकारी आदेश का अनुपालन जरूरी होता है. दिल्ली में कुछ इलाकों में इंटरनेट बंद करने का निर्देश पुलिस की ओर से जारी किया गया था. जिसका मोबाइल कंपनियों ने अनुपालन किया है. 

टॅग्स :लोकमत समाचारनागरिकता संशोधन कानून 2019एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजिका)व्हाट्सऐपनागरिकता संशोधन कानून
Open in App

संबंधित खबरें

भारतव्हाट्सएप के जरिए मिनटों में डाउनलोड कर सकते है आधार कार्ड, जानिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

कारोबारSim Binding Rule 2026: WhatsApp चलाने वालों के लिए बड़ी खबर; जानें क्या है नया 'सिम बाइंडिंग' नियम, 1 मार्च हो गया लागू

भारतRepublic Day 2026: गणतंत्र दिवस पर दोस्तों और अपनों को भेजें देशभक्ति के ये मैसेज, बेस्ट कलेक्शन यहां

टेकमेनियाएक्टिव सिम के बिना नहीं चलेगा आपका WhatsApp, केंद्र ने साइबर क्राइम रोकने के लिए नए नियम जारी किए

कारोबारSIM Binding Rules: अब बिना सिम के नहीं चलेंगे व्हाट्सएप व अन्य मैसेजिंग ऐप, दूरसंचार विभाग ने सख्त किए नियम

भारत अधिक खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम