नई दिल्लीः केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि देशव्यापी लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं और सरकार के समक्ष फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य जनता की चिंताओं को दूर करना और प्रतिबंधों की किसी भी संभावना के संबंध में सटीक जानकारी प्रदान करना है। वैश्विक स्थिति में लगातार बदलाव हो रहे हैं और हम ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखलाओं और आवश्यक वस्तुओं से संबंधित घटनाक्रमों पर वास्तविक समय के आधार पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, हमारे नागरिकों के लिए ईंधन, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण आपूर्तियों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हम उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी एक्शन में हैं। सरकार ने मिडिल ईस्ट विवाद से पैदा होने वाले मामलों पर नज़र रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है। गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित अन्य मंत्री भी इस समूह के सदस्य हैं।
सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया है और डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय द्वारा 26 मार्च की देर रात जारी एक अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
डीजल पर यह शुल्क पहले के 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि शुल्क में यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी के आवंटन में 20 प्रतिशत की वृद्धि की है। इस्पात और वाहन क्षेत्र सहित अन्य औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कुल कोटा बढ़कर युद्ध शुरू होने से पहले की मांग के 70 प्रतिशत स्तर पर पहुंच गया है।
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में निर्देश दिया है कि इस अतिरिक्त आपूर्ति में इस्पात, वाहन, कपड़ा, रंग, रसायन और प्लास्टिक जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों को प्राथमिकता दी जाए। ये क्षेत्र अन्य आवश्यक उद्योगों के लिए आधार का काम करते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ने के बीच ईंधन पर उत्पाद शुल्क घटाने का केंद्र सरकार का फैसला उसके जन केंद्रित शासन और संवेदनशीलता से प्रेरित निर्णय लेने की प्रक्रिया को रेखांकित करता है।
शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘पश्चिम एशिया संकट के बीच दुनिया ईंधन की कमी से जूझ रही है जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ रही हैं, ऐसे में ईंधन पर उत्पाद शुल्क घटाने का (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का फैसला नागरिकों के लिए बहुत राहत की बात है जिसकी उन्हें इस समय बहुत आवश्यकता है।’’
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सरकार द्वारा पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी कम करने पर कहा, "केंद्र सरकार आम आदमी का विचार करती है और जो एक्साइज़ ड्यूटी कम की गई है, इससे लोगों को राहत मिलेगी...यह निर्णय स्वागत योग्य है। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार सबका साथ सबका विकास के लिए काम करती है और उनका सभी वर्गों की तरफ ध्यान है..."