पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद अब उनके इस्तीफे को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन हो सकता है। कारण कि 14 अप्रैल तक खरमास का ही महीना रहेगा। बता दें कि राज्यसभा में नीतीश कुमार का कार्यकाल आगामी 10 अप्रैल से शुरू होगा। इसके बाद किसी भी दिन वह (नीतीश कुमार) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं।
लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि नीतीश कुमार इस्तीफा कब देंगे? इसको लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। दरअसल राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्हें विधान परिषद से इस्तीफा देना होगा। ऐसे में एक तीसरा सवाल अपने आप खड़ा होता है कि वो यदि वह राज्यसभा जाएंगे, तो वो बिहार के मुख्यमंत्री पद से कब इस्तीफा देंगे? कहा जा रहा है कि नियम के मुताबिक राज्यसभा जाने के बाद 14 दिनों के भीतर एक सदन की सदस्यता छोड़नी होगी।
अगर चुनाव होने की तारीख से जोडा जाए तो ऐसे में उन्हें 30 मार्च तक विधान परिषद की सदस्यता छोडनी होगी। लेकिन कई जानकारों का मानना है कि दूसरे सदन के सदस्यता ग्रहण करने के बाद यह नियम लागू होता है। इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। ऐसे में इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि नीतीश कुमार बिहार 9 अप्रैल तक तो बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। अगर संवैधानिक बाध्यता हुई तो विधान परिषद से इस्तीफा देकर भी वह 13 अप्रैल तक मुख्यमंत्री के पद पर बने रह सकते हैं।
ऐसे में इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि 13 अप्रैल को वह इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में अब सबकी निगाह नीतीश कुमार पर टिकी हैं। इसबीच एक सवाल यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सियासी गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार का गठन होगा।
नए मुख्यमंत्री के नामों को लेकर कई नामों पर अटकलें लगाई जा रही हैं। लेकिन सबसे आगे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। हालांकि, भाजपा का इतिहास बताया है कि पार्टी किसी ऐसे नेता को भी मुख्यमंत्री बना सकती है, जिसका नाम मीडिया में दूर-दूर तक नहीं होगा। इसके साथ ही आधी आबादी को साधने के लिए किसी महिला को भी मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। जिसका असर बंगाल विधानसभा चुनाव पर भी पड सकता है। इस तरह प्रदेश में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के पास अगर मुख्यमंत्री का पद रहेगा तो जदयू से बिहार में दो-दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। सियासी गलियारे में ऐसी चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता को दूसरा उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। दूसरे उपमुख्यमंत्री के तौर पर विजय चौधरी का नाम चर्चा में है। इसके अलावा नई सरकार में बिहार विधानसभा के स्पीकर का पद भाजपा अपने पास ही रखेगी। वहीं जदयू के खाते में विधान परिषद के सभापति का पद जा सकता है।