नई दिल्ली: पूर्व राज्यसभा सदस्य शाहिद सिद्दीकी की भतीजी की रविवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। उन्हें तेज बुखार और सांस लेने मे परेशानी के बाद भर्ती कराया गया था। इस बारे में जानकरी देते हुए पूर्व सांसद ने ट्वीट कर सफदरंजग अस्पताल प्रशासन पर उपचार में लापरवाही करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि हालत गंभीर होने के बावजूद न आईसीयू में रखा गया और न ही वेंटिलेटर की सुविधा दी गई।
रविवार की शाम भतीजी की मौत होने के बाद पूर्व सांसद ने ट्वीट किया, “दुभार्ग्य से मेरी भतीजी की सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। मैं आपकी चिंताओं के लिए धन्यवाद देता हूं, लेकिन अस्पताल की स्थिति बहुत दयनीय है।”
इससे पहले शनिवार को शाहिद सिद्दीकी ने कई अस्पतालों की ओर से भर्ती न करने की शिकायत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से की थी। उन्होंने लिखा था, “मेरी भतीजी को तेज बुखार और सांस की समस्या हो रही है। हास्पिटल से लेकर हास्पिटल तक भाग रहे हैं। कोई एडमिट नहीं कर रहा है। यह किस तरह का सिस्टम चल रहा है।” बाद में उनकी भतीजी को सफदरजंग अस्पताल में किसी तरह से एक बेड मिल पाया था।
सीएम केजरीवाल ने की थी सख्त कार्रवाई की बात
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोविड-19 के मरीजों को भर्ती करने से मना करने वाले और ‘‘बेड की कालाबाजारी’’ में लिप्त अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है । उन्होंने कहा कि उनकी सरकार एक आदेश जारी करने वाली है कि अस्पताल ऐसे मरीजों का उपचार करने से इनकार नहीं कर सकते। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार सभी अस्पतालों में एक चिकित्सा पेशेवर को तैनात करेगी, जो आधिकारिक ऐप पर कोरोना वायरस मरीजों के लिए उपलब्ध बेड की सूचना देंगे और ऐसे मरीजों की भर्ती सुनिश्चित कराने का काम करेंगे ।