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J&K: राज्यपाल से मिलने के बाद बोले उमर अब्दुल्ला- ना हम किसी को अप्रोच करने गए हैं और ना कोई आया है

By पल्लवी कुमारी | Updated: June 19, 2018 16:26 IST

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पद से इस्तीफा दे दिया है। जम्मू-कश्मीर की गठबंधन सरकार में साझीदार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार (19 जून) जम्मू-कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी से समर्थन वापस ले लिया है।

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नई दिल्ली, 19 जून: जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पद से इस्तीफा दे दिया है। जम्मू-कश्मीर की गठबंधन सरकार में साझीदार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार (19 जून) जम्मू-कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी से समर्थन वापस ले लिया है। इधर नेशनल कॉफ्रेंस और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दूला ने कहा है कि वह पीडीपी को अपना समर्थन नहीं देगी। उन्होंने साफ कर दिया है कि ना हमें किसी ने अप्रोच किया है और ना हम अप्रोच करने जाएंगे। मैं अपनी पार्टी की ओर राज्यपाल को यह विश्वास दिलाया है कि हम उनका पूरा साथ देंगे। हम सरकार नहीं बनाना चाहते है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि आखिर कोई उनके पास अप्रोच करने आएगा तो फिर वह क्या करेंगे। कांग्रेस ने भी सरकार बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

ये हैं कश्मीर में बहुमत के आकड़े

जम्मू-कश्मीर में कुल 89 विधान सभा सीटें हैं। राज्य में कुल 87 सीटों के लिए चुनाव होते हैं। दो सीटें मनोनीत सदस्यों के लिए आरक्षित है। अभी विधान सभा में महबूबा मुफ्ती की पीडीपी के पास 28 विधायक हैं। बीजेपी के पास 25, नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास 15, कांग्रेस के पास 12 और जेके पीपल्स कांफ्रेंस के पास दो, सीपीआई (एम) और जेके पीपल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट के पास एक-एक सीटें हैं। तीन सीटें निर्दलियों के पास हैं। राज्य में बहुमत के लिए कुल 45 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। ऐसे में अगर पीडीपी और नेशनल कांग्रेस एक साथ आते हैं तो उनको 43 सीट मिल जाएंगे और बहुमत के लिए कुल 45 विधायक चाहिए। ऐसे में अन्य की मदद ली जाए तो सरकार बन सकती है।

जम्मू-कश्मीर: बीजेपी ने पीडीपी से समर्थन वापस लिया, राम माधव ने बतायी फैसले की वजह

जम्मू-कश्मीर राज्य में आतंकियों के खिलाफ रमजान के दौरान एकतरफा संघर्षविराम की सुरक्षाबलों की तरफ से समाप्ति के बाद जम्मू कश्मीर सरकार के 11 बीजेपी मंत्रियों के दिल्ली ऑफिस में अमित शाह की बैठक की । बैठक के बाद राम माधव ने बीजेपी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि हमने सबकी सहमति से आज यह निर्णय लिया है कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा अपनी भागीदारी को वापस लेगी। उन्होंने कहा जनता के जनादेश को ध्यान में रखकर हमने जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार चलाने का निर्णय लिया था। राम माधव ने कहा है कि अगर गवर्नर शासन लगता है तब भी आतंकवादियों के खिलाफ हमारा अभियान जारी रहेगा

जम्मू-कश्मीर में सरकार बनने की यह भी संभावनाएं हैं-

1- कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन करके सरकार बना लें

2- कांग्रेस सरकार बना ले और पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस उसे समर्थन दें

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