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बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए थमा चुनावी शोर, दो उपमुख्यमंत्री के अलावा 15 मंत्रियों की किस्मत का होगा फैसला

By एस पी सिन्हा | Updated: November 4, 2025 16:56 IST

जिन क्षेत्रों चुनाव प्रचार का शोर थम गया है, वहां से चुनाव लड़ने वाले दिग्गज नेताओं में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का नाम शामिल है। इसके अलावा 15 मंत्रियों की भी किस्मत का फैसला पहले चरण में होना है।

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार का शोर अब थम गया है। प्रथम चरण के जिन 121 सीटों के लिए मतदान 6 नवंबर को होना है, उनमें आलमनगर, बिहारीगंज, सिंहेश्वर, मधेपुरा, सोनबर्षा, सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, कुशेश्वर अस्थान, गौराबौराम, बेनीपुर, अलीनगर, दरभंगा ग्रामीण, दरभंगा, हायाघाट, बहादुरपुर, केवटी, जाले,गायघाट,औराई, मीनापुर, बोचहां, सकरा, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर,कांटी, बरुराज, पारू, साहेबगंज, बैकुंठपुर, बरौली, गोपालगंज, कुचायकोट भोरे, हथुआ, सिवान, जीरादेई, दरौली, रघुनाथपुर, दरौंदा, बड़हरिया, गोरेयाकोठी, महराजगंज, एकमा, मांझी, बनियापुर, तरैया और मढ़ौरा शामिल हैं।

इसी तरह छपरा, गरखा, अमनौर, परसा, सोनपुर, हाजीपुर, लालगंज, वैशाली, महुआ, राजापाकड़, राघोपुर, महनार, पातेपुर, कल्याणपुर, वारिसनगर, समस्तीपुर, उजियारपुर, मोरवा, सरायरंजन, मोहिउद्दीननगर, विभूतिपुर, रोसड़ा, हसनपुर, चेरिया बरियारपुर, बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी साहेबपुर कमाल, बेगूसराय, बखरी, अलौली, खगड़िया, बेलदौर, परबत्ता, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढ़ा, लखीसराय, शेखपुरा, बरबीघा, अस्थावां, बिहार शरीफ, राजगीर, इस्लामपुर, हिलसा, नालंदा, हरनौत, मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, दानापुर, मनेर, फुलवारी, मसौढ़ी, पालीगंज, विक्रम, सन्देश, बड़हरा, आरा, अगिआंव, तरारी, जगदीशपुर, शाहपुर, ब्रह्मपुर,बक्सर, डुमरांव और राजपुर में मंगलवार को प्रचार थम गया है। 

जिन क्षेत्रों चुनाव प्रचार का शोर थम गया है, वहां से चुनाव लड़ने वाले दिग्गज नेताओं में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का नाम शामिल है। इसके अलावा 15 मंत्रियों की भी किस्मत का फैसला पहले चरण में होना है। विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, मदन सहनी, नीतीन नवीन, महेश्वर हजारी, सुनील कुमार, रत्नेश सादा, केदार प्रसाद गुप्ता, सुरेन्द्र मेहता, संजय सरावगी, डा. सुनील कुमार, जिवेश कुमार, राजू कुमार सिंह और कृष्ण कुमार मंटू के अलावा बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव, राम कृपाल यादव, श्याम रजक, अनंत सिह, अमरेंद्र पांडेय, हरिनारायण सिंह, उमेश कुशवाहा और श्रेयसी सिंह समेत कई दिग्गजों की किस्मत मतदाता 6 नवंबर को तय करेंगे।

वहीं, महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के अलावा अवध बिहारी चौधरी, डा. रामानंद यादव, वीणा देवी, ललित कुमार यादव, विजेन्द्र चौधरी, रेणु कुशवाहा, खेसारी लाल यादव, आलोक मेहता, भाई वीरेन्द्र, अनिरुद्ध यादव, अवधेश राय की किस्मत 6 नवंबर को ईवीएम में कैद होगी। इसके अलावा तेज प्रताप यादव, आईपी गुप्ता, शिवदीप लांडे, आनंद मिश्रा, वी.के. रवि, जयप्रकाश सिंह, आर.के.मिश्रा, राम नारायण सिंह, पुष्पम प्रिया, समेत अन्य की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। बता दें कि हर बार की तरह इस बार भी विधानसभा चुनाव में एक से बढ़कर एक चुनावी नारे सुनने पढ़ने को मिला। लोगों को लुभाने के लिए ऐसे नारों का निर्माण लोकतांत्रिक व्यवस्था में शुरू से परंपरा रही है। इस बार भी विभिन्न दलों की ओर से बनाए गए इन नारों में उम्मीद भी है और कटाक्ष भी। 

बिहार में राजनीतिक दल अपने समर्थकों को उत्साहित करने और विरोधी दल के समर्थकों के उत्साह पर पानी डाले के लिए रैलियों से लेकर सोशल मीडिया मंचों तक इन नारों का उपयोग कर रहे हैं। सत्तारूढ़ एनडीए की ओर से नारा दिया गया, ’25 से 30, फिर से नीतीश’। इसके जवाब में विपक्षी महागठबंधन ने नारा लगाया, ‘छह और 11, एनडीए नौ दो ग्यारह’। भाजपा नेताओं ने मतदाताओं को राज्य के तथाकथित ‘जंगलराज’ की याद दिलाने के लिए ‘विकास बनाम विनाश’ और ‘फिर एक बार सुशासन की सरकार, जंगलराज को दूर रखेगा बिहार’ नारे दिए। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने तो ‘25 से 30, हमारे दो भाई नरेंद्र और नीतीश’ का नारा लगा दिया। 

उधर, राजद ने नारों में अपने नेता तेजस्वी यादव और बिहार में बदलाव को प्रमुखता दी है। राजद के प्रमुख नारों में ‘इस बार परिवर्तन के लिए वोट करें’, ‘बदलो सरकार, बदलो बिहार’, ‘बिहार बदलने वाला है, सरकार बदलने वाली है’, ‘बहाने बाजी में निकले 20 साल, अब 20 महीने में होगा कमाल’, ‘बिहार का भला होगा नौकरी रोजगार से, बिहार का भला होगा तेजस्वी सरकार से’, ‘जग उठी है बदलाव की बयार ! बिहार में अबकी बनकर रहेगी तेजस्वी सरकार’ और ‘बिहार के सभी युवाओं की जय है, इस बार तेजस्वी तय है’ शामिल हैं। 

जबकि जदयू के चुनाव प्रचार और नारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पूरा ध्यान दिया गया है। जदयू के प्रमुख नारे ‘नीतीश हैं तो विश्वास है’, ‘विकास की बयार, जनता का प्यार, फिर आएगी नीतीश सरकार’, ‘नया बिहार, विकास की बहार, फिर एक बार नीतीश कुमार’ और फिर दौड़ेगा विकास का पहिया, बोल रहा बिहार, फिर से नीतीश कुमार’ हैं। कांग्रेस ने भी कई नारे दिए हैं जिनमें ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, ‘घर-घर अधिकार’ और ‘पलायन रोकें, नौकरी दें’ शामिल हैं।

एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास ) का हर चुनाव की तरह इस बार भी ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ प्रमुख नारा है। नई पार्टी जनसुराज पार्टी ने ‘आ रहा है जन सुराज … बिहार तैयार है – 14 नवंबर को जनता का राज, जन सुराज आ रहा है’ नारा दिया है। इन नारों से स्पष्ट है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में विकास, सुशासन, रोजगार और सत्ता परिवर्तनों को लेकर जोरदार राजनीतिक संदेश दिए जा रहे हैं। यह नारे चुनावी रणनीति और मजबूत चुनावी अभियान का हिस्सा हैं, जो जनता को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। 

बता दें कि पहले चरण में एनडीए के घटक जदयू ने 57, भाजपा ने 48, लोक जनशक्ति पार्टी( रामविलास) ने 13 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने 2 प्रत्याशी चुनावी अखाड़े में उतारे हैं। एक अन्य सीट मढ़ौरा में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की प्रत्याशी भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री सीमा सिंह का नामांकन रद्द हो गया था। एनडीए ने इस सीट पर निर्दलीय अंकित कुमार को समर्थन दिया है। वहीं महागठबंधन की तरफ से राजद ने 71, कांग्रेस ने 24, भाकपा-माले ने 14, भाकपा ने पांच, माकपा और आईआईपी ने तीन-तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने प्रथम चरण में 118 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं।

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