गुवाहाटीः असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने बाद में मीडिया से भी की। उन्होंने कहा कि इस्तीफे के कारणों का खुलासा उचित समय पर किया जाएगा। लिखे पत्र में बोरा ने कहा है कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उनकी अनदेखी की जा रही है और प्रदेश इकाई में उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दरवाजे उनके लिए खुले हैं।
शर्मा ने यह भी कहा कि अगर बोरा भाजपा में शामिल होते हैं तो वह उन्हें किसी ‘‘सुरक्षित सीट’’ से चुनाव जितवाने की कोशिश करेंगे। बोरा ने आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा भेजा, जिससे असम विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को बड़ा झटका लगा है। सरमा ने "असम कांग्रेस पार्टी का आखिरी हिंदू नेता" बताते हुए भाजपा में आने का न्योता दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने त्यागपत्र में उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें उपेक्षित किया जा रहा है और राज्य इकाई में उन्हें उनका हक नहीं दिया जा रहा है। बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष थे और पिछले साल उनकी जगह गौरव गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप दी गई। वह असम में दो बार विधायक रह चुके हैं।
शर्मा ने कहा कि बोरा कांग्रेस में ऐसे ‘‘आखिरी हिंदू नेता’’ हैं जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीति की नहीं है। शर्मा ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘‘ उनके इस्तीफे से यह प्रतीकात्मक संदेश मिलता है कि कांग्रेस में किसी सामान्य परिवार का व्यक्ति तरक्की नहीं कर सकता। कांग्रेस आम परिवारों के लोगों को मान्यता नहीं देती। मैं एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से हूं।
लेकिन भाजपा ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया है। हम कुलीन वर्ग की राजनीति के खिलाफ खड़े हैं।’’ शर्मा ने कहा कि वह कल शाम बोरा के आवास पर जाएंगे और उनकी भविष्य की योजनाओं पर बातचीत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ बोरा ने अभी तक मुझसे या भाजपा से संपर्क नहीं किया है।
फिलहाल हमारा उनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संपर्क नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ अगर वह भाजपा में शामिल होना चाहते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे लेकिन अगर वह ऐसा नहीं चाहते, तो हम उन्हें शुभकामनाएं देंगे।’’