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Yamuna river: यमुना खतरे के निशान के करीब बह रही, जल स्तर घटने की संभावना

By भाषा | Updated: August 29, 2020 13:34 IST

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुराना रेल पुल पर सुबह 10 बजे जल स्तर 204.23 मीटर था। शुक्रवार को शाम 5 बजे 204.41 मीटर और गुरुवार सुबह 10 बजे 203.77 मीटर था।’’

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ठळक मुद्देहरियाणा के यमुनानगर जिले के हथनीकुंड बैराज से सुबह 8 बजे 7,173 क्यूसेक की दर से यमुना में पानी छोड़ा जा रहा था।अधिकारी ने कहा, "पिछले दो दिनों में प्रवाह दर 10,000 क्यूसेक से 25,000 क्यूसेक के बीच बनी हुई है, जो बहुत अधिक नहीं है।"बैराज से छोड़ी गई पानी को आम तौर पर राजधानी तक पहुंचने में दो-तीन दिन लगते हैं।

नई दिल्लीः दिल्ली में यमुना शनिवार सुबह भी खतरे के निशान के करीब बहती रही, लेकिन जल स्तर के घटने की संभावना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुराना रेल पुल पर सुबह 10 बजे जल स्तर 204.23 मीटर था। शुक्रवार को शाम 5 बजे 204.41 मीटर और गुरुवार सुबह 10 बजे 203.77 मीटर था।’’ हरियाणा के यमुनानगर जिले के हथनीकुंड बैराज से सुबह 8 बजे 7,173 क्यूसेक की दर से यमुना में पानी छोड़ा जा रहा था।

शुक्रवार को शाम 4 बजे प्रवाह दर 13,871 क्यूसेक थी, जो पिछले 24 घंटों में अधिकतम थी। अधिकारी ने कहा, "पिछले दो दिनों में प्रवाह दर 10,000 क्यूसेक से 25,000 क्यूसेक के बीच बनी हुई है, जो बहुत अधिक नहीं है।" एक क्यूसेक 28.32 लीटर प्रति सेकंड के बराबर होता है।

बैराज से छोड़ी गई पानी को आम तौर पर राजधानी तक पहुंचने में दो-तीन दिन लगते हैं। इसी बैराज से दिल्ली को पीने का पानी प्रदान किया जाता है। अधिकारी ने बताया कि दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में बारिश के कारण शुक्रवार को जल स्तर बढ़ गया। पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए दो गोताखोरों के साथ 24 नौकाएं तैनात की हैं। अधिक नावें और गोताखोरों की टीम को तैयार रखा गया है।

अधिकारी ने बताया कि बैराज से पानी राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने में आमतौर पर दो से तीन दिन लगते हैं। इससे ही दिल्ली को पेयजल मिलता है। हथिनीकुंड बैराज से शुक्रवार शाम चार बजे 13,871 क्यूसेक की दर से पानी यमुना में छोड़ा गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘ पिछले दो दिनों में प्रवाह दर 10,000 क्यूसेक से 25,000 क्यूसेक के बीच रही है, जो बहुत अधिक नहीं है। इसलिए, नदी के जलस्तर के नीचे आने की संभावना है।’’ एक क्यूसेक 28.32 लीटर प्रति सेकंड के बराबर होता है।

नदी का जलस्तर सोमवार को 204.38 मीटर था, जो कि खतरे के निशान 205.33 मीटर से नीचे है। अधिकारी के अनुसार यदि जलग्रहण क्षेत्र में बारिश जारी रहती है तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। सामान्य तौर पर हथिनीकुंड बैराज में प्रवाह दर 352 क्यूसेक होती है लेकिन जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ा दी जाती है।

गत वर्ष 18-19 अगस्त को प्रवाह दर 8.28 लाख क्यूसेक तक पहुंच गई थी और यमुना नदी का जलस्तर 206.60 मीटर पर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान 205.33 से ऊपर है। निचले इलाकों में पानी भरने के बाद दिल्ली सरकार ने बचाव और राहत अभियान शुरू किया था।

वहीं 1978 में यह नदी अब तक के रिकॉर्ड जलस्तर 207.49 तक पहुंच गई थी। इसके बाद 2013 में जलस्तर 207.32 मीटर दर्ज किया गया। दिल्ली के जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने सोमवार को कहा कि सरकार बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

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