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दिल्लीः कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृषि कानूनों का किया विरोध, किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे संसद

By वैशाली कुमारी | Updated: July 26, 2021 17:07 IST

किसानों के विरोध प्रदर्शन को करीब एक साल हो रहे हैं। बावजूद इसके कृषि कानूनों को लेकर न सरकार झुकने के तैयार है और न ही सरकार। किसान आंदोलन और नए कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर सवाल उठाती आई हैं।

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ठळक मुद्देराहुल किसान आंदोलन के समर्थन में ट्रैक्टर चलाकर संसद भवन पहुंचे। ट्रैक्टर पर राहुल गांधी के साथ रणदीप सुरजेवाला, दीपेंद्र हुड्डा समेत कई कांग्रेसी नेता नजर आए। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान संसद लगाई जा रही है नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान संसद लगाई जा रही है

किसानों के विरोध प्रदर्शन को करीब एक साल हो रहे हैं। बावजूद इसके कृषि कानूनों को लेकर न सरकार झुकने के तैयार है और न ही सरकार। किसान आंदोलन और नए कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर सवाल उठाती आई हैं। किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ट्रैक्टर चलाकर संसद पहुंचे।

सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उस वक्त सभी को चौंका दिया जब वह दिल्ली की सड़कों पर ट्रैक्टर चलाते हुए नजर आए। राहुल किसान आंदोलन के समर्थन में ट्रैक्टर चलाकर संसद भवन पहुंचे। ट्रैक्टर पर राहुल गांधी के साथ रणदीप सुरजेवाला, बीवी श्रीनिवास और दीपेंद्र हुड्डा समेत अन्य कई कांग्रेसी नेता भी नजर आए। इस दौरान सुरजेवाला और श्रीनिवास को हिरासत में लिया गया है। 

एएनआई कि एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले के बारे में राहुल गांधी ने कहा, 'ये किसान की आवाज है, किसानों की बात सुनी नहीं जा रही है। हम देश के किसानों का संदेश लेकर आए हैं। सरकार को इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना होगा, ये काले कानून हैं। इसके साथ ही उन्होनें आगे कहा कि किसानों पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें आतंकवादी तक कहा जा रहा है।'

आपको बता दें कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान संसद लगाई जा रही है। जंतर-मंतर पर करीब 200 किसान हर रोज संसद करेंगे। किसानों द्वारा चल रहा यह विरोध प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र के जारी रहने तक चलेगा। वहीं पिछले करीब एक साल से किसानों का विरोध प्रदर्शन दिल्ली के टिकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर जारी है। किसानों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए।

सरकार का कहना है कि कानून वापस नहीं होंगे और अगर कोई बदलाव करना है तो सरकार बातचीत के लिए तैयार है। मानसून सत्र में कृषि कानून और पेगासस जासूसी विवाद से जुड़े हंगामे की वजह से संसद के दोनों सदन में कार्य नहीं हो पा रहा है।

टॅग्स :राहुल गांधीकांग्रेसकिसान आंदोलन
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