Delhi CAA voilence high court midnight hearing orders evacuation of east Delhi hospital | दिल्ली हिंसा पर हाई कोर्ट के जज के घर में रात 12.30 बजे हुई सुनवाई, पुलिस से मांगी गई रिपोर्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर

Highlightsदिल्ली हिंसा मामले में राहुल रॉय ने याचिका दाखिल की थी। इस याचिका की पैरवी वरिष्ठ वकील सुरूर मंडेर और चिरायू जैन ने आधी रात को कीदिल्ली हिंसा को देखते हुए उत्तरपूर्वी दिल्ली इलाके में सीबीएसई के परीक्षाएं रद्द किए गए हैं।

उत्तरपूर्वी दिल्ली में मंगलवार को नए सिरे से हिंसा भड़क गई जिसमें मृतक संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस भीड़ पर काबू पाने की जद्दोजेहद में लगी रही जो गलियों में घूम रही थी। दिल्ली हिंसा को देखते हुए बीती आधी रात को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई की। सुनवाई जस्टिस एस. मुरलीधर के घर पर हुई। सुनवाई रात के 12.30 पर हुई। सुनवाई में हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को मुस्तफाबाद के एक अस्पताल से एंबुलेंस को सुरक्षित रास्ता और मरीजों को सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्देश दिया। दिल्ली पुलिस ने इसके साथ ही मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इस मामले पर कोर्ट में फिर आज (26 फरवरी) को दोपहर  2.15 बजे सुनवाई है। 

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर के आवास पर उस याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें घायलों को पर्याप्त सुविधाओं वाले चिकित्सीय संस्थानों तक सुरक्षित ले जाने की व्यवस्था की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी की पीठ ने पुलिस को इस व्यवस्था के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल करने का निर्देश भी दिया। पीठ ने अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है, जिसमें घायलों और उन्हें दिए गए उपचार के बारे में जानकारी हो।  पीठ ने कहा कि दिल्ली के गुरु तेग बहादुर और लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट को भी इस आदेश की जानकारी दी जाए। 

दिल्ली हिंसा मामले में राहुल रॉय ने याचिका दाखिल की थी। इस याचिका की पैरवी वरिष्ठ वकील सुरूर मंडेर और चिरायू जैन ने आधी रात को की। फैसले में जस्टिस एस. मुरलीधर ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जीएस सिस्तानी बाहर हैं और मामला भी अति गंभीर है। हमने पाया है कि घायलों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से आधी रात को सुनवाई करनी पड़ी है। 

अधिवक्ता सुरूर मंडेर ने पैरवी करते हुए कहा कि न्यू मुस्तफाबाद क्षेत्र के अल हिंद अस्पताल में कई घायल लोग जीटीबी अस्पताल में स्थानांतरित नहीं हो पाए और उन्हें तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता थी। मंडेर ने अपनी याचिका में, अल हिंद अस्पताल और घायल पीड़ितों के लिए अस्पताल से एम्बुलेंस के सुरक्षित मार्ग की मांग की।

सुनवाई के दौरान, सुरूर मंडेर  ने स्पीकर फोन पर अल हिंद अस्पताल के डॉ. अनवर से बात की। डॉक्टर ने न्यायाधीशों को सूचित किया कि अस्पताल में, दो मृत और अस्पताल में लगभग 22 घायल हैं, जिन्हें मंगलवार शाम 4 बजे के बाद से दिल्ली पुलिस से सहायता की आवश्यकता थी, लेकिन ऐसी कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

उत्तरपूर्वी दिल्ली में हिंसा बढ़ी:  मृतक संख्या बढ़कर 13 हुई, 200 से ज्यादा घायल

उत्तरपूर्वी दिल्ली में मंगलवार को नए सिरे से हिंसा भड़क गई, जिसमें मृतक संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस भीड़ पर काबू पाने की जद्दोजेहद में लगी रही जो गलियों में घूम रही थी। भीड़ में शामिल लोग दुकानों को आग लगा रहे थे, पथराव कर रहे थे और वे स्थानीय लोगों के साथ मारपीट कर रहे थे। राष्ट्रीय राजधानी के उत्तरपूर्वी इलाके में तनाव के दूसरे दिन हिंसा चांदबाग और भजनपुरा सहित कई क्षेत्रों में फैल गई। इस दौरान पथराव किया गया, दुकानों को आग लगायी गयी। 

दंगाइयों ने गोकलपुरी में दो दमकल वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ भड़काऊ नारे लगा रही थी और मौजपुर और अन्य स्थानों पर अपने रास्ते में आने वाले फल की गाड़ियों, रिक्शा और अन्य चीजों को आग लगा दी। ऐसे में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शहर में हैं, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई हुई है। पुलिस ने दंगाइयों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इन दंगाइयों ने अपने हाथों में हथियार, पत्थर, रॉड और तलवारें भी ली हुई थीं। कई ने हेलमेट पहन रखे थे। 

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