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राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 348 पहुंची, जयपुर का रामंगज इलाका बना वायरस का केन्द्र 

By रामदीप मिश्रा | Updated: April 8, 2020 10:20 IST

कोरोना संकटः राजस्थान में अब तक संक्रमण से छह लोगों की मौत हो गई है। जिन लोगों की मौत हुई है उनमें ज्यादातर उम्रदराज थे और पहले से बीमार थे। इनमें से अधिकांश गंभीर हालात में अस्पतालों में भर्ती हुए थे।

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ठळक मुद्दे राजस्थान में बुधवार (08 अप्रैल) को कोरोना पॉजिटिव के पांच नए मामले सामने आए हैं।प्रदेश में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 348 हो गई है।

कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच राजस्थान में बुधवार (08 अप्रैल) को कोरोना पॉजिटिव के पांच नए मामले सामने आए हैं। ये मामले बीकानेर, बांसवाड़ा और जयपुर पाए गए हैं, जिसके बाद प्रदेश में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 348 हो गई है। हालांकि राहत भरी खबर यह है कि राजस्थान मंगलवार की अपेक्षा कोरोना मामलों की संखा घटी है। 

राजस्थान स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीकानेर, बांसवाड़ा और जयपुर में 5 और लोगों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद राजस्थान में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़कर 348 हुई। बीते दिन प्रदेश में कोरोना वायरस के 42 नए मामले सामने आए थे और संक्रमितों की संख्या बढ़कर 343 हो गई थी। 

राज्य में अब तक संक्रमण से छह लोगों की मौत हो गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों की मौत हुई है उनमें ज्यादातर उम्रदराज थे और पहले से बीमार थे। इनमें से अधिकांश गंभीर हालात में अस्पतालों में भर्ती हुए थे। भीलवाड़ा में पिछले तीन दिनों में संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। राजधानी जयपुर का रामंगज इलाका वायरस का केन्द्र बन गया है, जहां विदेश से लौटे एक संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए अधिकतर लोग संक्रमित पाए गए। इधर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूरे राज्य में लॉकडाउन को एकसाथ खोलने की संभावना से इनकार कर दिया है और कहा है कि इस पर चरणबद्ध तरीके से कदम उठाया जाएगा। लॉकडाउन के संदर्भ में एक कार्यबल का गठन किया गया है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर सोच-समझकर निर्णय होगा। राज्य में कई जगहों पर कर्फ्यू लगाया गया है। ऐसे में लॉकडाउन एकसाथ नहीं खोला जा सकता है।

सीएम ने कहा है कि जिन राज्यों और जिन देशों ने कोरोना को गंभीरता लिया वहां इसका प्रसार नहीं हो पाया। राजस्थान भी उनमें से एक है। इस मुश्किल समय में राजस्थान की जनता में विश्वास पैदा हुआ है। तब्लीगी जमात का मामला बहुत गंभीर है। किसी ने गलती की है तो सजा मिलनी चाहिए। ऊपरी अदालत के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से इस मामले की जांच करनी चाहिए ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। 

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